छत्तीसगढ़
कलेक्टोरेट में साइबर सुरक्षा और AI के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
Shantanu Roy
11 Feb 2026 9:17 PM IST

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छग
Durg. दुर्ग। सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर जिला दुर्ग में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह कार्यशाला चिप्स (CHiPS) द्वारा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई और इसकी अध्यक्षता कलेक्टर अभिजीत सिंह ने की। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कलेक्टर श्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी कार्यों का अधिकांश हिस्सा इंटरनेट पर आधारित हो गया है। ऐसे में डिजिटल सुरक्षा के मानकों का पालन करना केवल विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतत प्रयास करने की हिदायत दी।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, जैसे ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, संदिग्ध लिंक और फर्जी ईमेल के खतरों पर विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग लेनदेन से बचना चाहिए, पासवर्ड और पिन समय-समय पर बदलते रहना चाहिए और ओटीपी या सीवीवी जैसी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यदि कोई साइबर अपराध का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। कार्यक्रम के एक विशेष सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और उससे उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि एआई सरकारी कामकाज में सहायक हो सकता है, लेकिन डीपफेक वीडियो, फर्जी ऑडियो, डेटा चोरी और भ्रामक सामग्री के जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय आधार नंबर, बैंक विवरण, पासवर्ड और सरकारी दस्तावेज जैसी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल और भ्रामक खबरों से बचने की सलाह दी गई। अधिकारियों को डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट उपयोग के सुरक्षित तरीकों के महत्व पर भी ध्यान दिलाया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल प्रशासनिक अमले को जागरूक करना नहीं बल्कि पूरे जिले में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का समापन कलेक्टर श्री सिंह द्वारा किया गया, जिन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यालयों और घरों में सुरक्षित इंटरनेट प्रथाओं को अपनाएं और डिजिटल समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। यह कार्यशाला जिले में साइबर सुरक्षा और एआई के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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