छत्तीसगढ़

कृत्रिम गर्भाधान से बदली पशुपालक की तस्वीर, बढ़ा दुग्ध उत्पादन

Shantanu Roy
30 July 2026 9:32 PM IST
कृत्रिम गर्भाधान से बदली पशुपालक की तस्वीर, बढ़ा दुग्ध उत्पादन
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छग
Surajpur. सूरजपुर। विकासखंड रामानुजनगर के ग्राम अगस्तपुर निवासी हीरालाल सोनवानी ने पशुपालन विभाग की योजनाओं एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवा का लाभ लेकर अपने पशुपालन व्यवसाय को नई दिशा दी है। पिछले लगभग 16 वर्षों से पशुपालन से जुड़े सोनवानी आज क्षेत्र के सफल पशुपालकों में शामिल हैं। वर्तमान में उनके पास 04 दुधारू गाय, 03 बछिया एवं 04 बछड़े हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग के कृष्णपुर उपकेंद्र से कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्हें उन्नत नस्ल के पशु प्राप्त हुए।

जिसके परिणामस्वरूप उनके डेयरी व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में भी निरंतर बढ़ोतरी हुई है। हीरालाल सोनवानी ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से बेहतर नस्ल के पशु मिलने के कारण दूध उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। उन्होंने अन्य पशुपालकों से भी विभाग की इस सुविधा का लाभ उठाकर उन्नत नस्ल के पशुओं का पालन करने की अपील की।

उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मादा-वत्स पालन योजना के अंतर्गत एक बछिया भी प्रदान की गई थी, जिससे उनके पशुधन में वृद्धि हुई और व्यवसाय को मजबूती मिली। हीरालाल सोनवानी ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं समय-समय पर उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सेवाओं के लिए शासन और पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग के सहयोग से उनका पशुपालन व्यवसाय अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बन सका है।
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