छत्तीसगढ़
अनुपपुर-कटनी तीसरी रेल लाइन: यात्री सुविधाओं की नई दिशा
Shantanu Roy
2 April 2025 7:17 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य में रेलवे नेटवर्क को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनुपपुर-कटनी तीसरी रेल लाइन परियोजना (165.52 किमी) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह परियोजना यात्री सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी महत्वपूर्ण शहरों को रेल मार्ग द्वारा उत्तर भारत से जोड़ने वाली बिलासपुर-कटनी मार्ग पर तीसरी लाइन का कार्य क्षमता आवर्धन के दृष्टिगत किया गया था। 31 मार्च 2025 को कमीशन की गई इस परियोजना के अंतिम खंड, बीरसिंहपुर-नौरोजाबाद-करकेली-उमरिया (29.52 किमी) की सीआरएस निरीक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई । वर्तमान में अब इस सेक्शन मे पेंड्रारोड से कटनी तक तीसरी लाइन है।
इस परियोजना के लाभ
अधिक ट्रेनों का संचालन: नई रेल लाइन से यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे विभिन्न शहरों और कस्बों के बीच यात्रा करना अधिक सुगम होगा । ट्रेनों की संख्या में वृद्धि से भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। बेहतर यात्रा अनुभव: नई लाइन के निर्माण से ट्रेनों की गति में सुधार होगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा । परिचालन में गतिशीलता आएगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी । साथ ही व्यापारिक व व्यवसायिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
संरक्षा में सुधार: तीन लाइनें होने से ट्रेनों की निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगी। अत्याधुनिक सिग्नलिंग और ट्रैक संरचना से यात्रा अधिक संरक्षित होगी।
पर्यटन को बढ़ावा: यह परियोजना बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच को और सरल बनाएगी। रेलवे द्वारा नई ट्रेनों के संचालन से पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
परियोजना का संक्षिप्त विवरण
• कुल लंबाई: 165.52 किमी
• स्वीकृत लागत: ₹2311.02 करोड़
• कुल स्टेशन: 17 (1 जंक्शन स्टेशन: अनुपपुर)
• यात्री हॉल्ट: 2 (सिंहपुर, विलायतकलां)
इस परियोजना के अंतर्गत कुल 27 बड़े पुल और 108 छोटे पुल के निर्माण किए गए हैं। इन पुलों के निर्माण से रेलवे लाइन की मजबूती बढ़ी है और ट्रेनों की आवाजाही अधिक संरक्षित व निर्बाध हो गई है। नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरने वाली इस रेल लाइन में पुलों का विशेष महत्व है, जिससे वर्षा ऋतु में भी यातायात प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त, एक रेलवे ओवर ब्रिज और 16 रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया है। ओवर ब्रिज के माध्यम से सड़क और रेल यातायात के बीच संरक्षा को और अधिक सुनिश्चित किया गया है। वहीं, रेलवे अंडर ब्रिज से स्थानीय ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम हुआ है । ये संरचनाएं सड़क और रेल यातायात को अधिक कुशल और प्रभावी बनाती हैं।
महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने इस परियोजना के पूर्ण होने पर निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मियों को बधाई दी और उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस परियोजना को रेलवे के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और भविष्य में भी इसी तरह की उत्कृष्ट कार्यशैली बनाए रखने का आह्वान किया। अनुपपुर-कटनी तीसरी रेल लाइन परियोजना यात्री सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। ट्रेनों की गतिशीलता में वृद्धि, तेज़ और संरक्षित यात्रा, तथा पर्यटन को मिलने वाले प्रोत्साहन से यह परियोजना न केवल रेलवे नेटवर्क बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगी।
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