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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सामने आए पेपर लीक मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे हो रहे हैं। कीट विज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद अब बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय का पेपर भी परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में तेलीबांधा थाना पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में अब तक एक प्रोफेसर सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार, बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय की परीक्षा 7 अगस्त को आयोजित की गई थी। कीट विज्ञान का पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी क्रम में दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया से पूछताछ की गई। पुलिस जांच में प्लांट पैथोलॉजी का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई।
आरोप है कि प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने प्लांट पैथोलॉजी का पेपर छात्र मोहम्मद सोमान और अजय नायक को उपलब्ध कराया था। इसके एवज में कथित तौर पर 10 हजार रुपये लिए गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर खरीदने वाले छात्रों ने उसे अपने तक सीमित रखा था या अन्य विद्यार्थियों के साथ भी साझा किया। इसके साथ ही लेनदेन के तरीके और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
लगातार दो विषयों के पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सख्त कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान और बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। प्रबंधन ने दोनों विषयों की परीक्षाएं दोबारा आयोजित कराने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, 20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी पेपर और 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी पेपर की पुनः परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में कराई जाएगी। परीक्षा की नई तारीख और समय को लेकर विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को अलग से विस्तृत सूचना जारी की जाएगी। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पेपर लीक मामले में पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों में दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38), अजय नायक (20), त्रिदेव पटेल (22), नितिन पांडेय (22), अनुज मिंज (22) और आदित्य साहू (20) शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस माध्यम से बाहर निकाला गया और इसके बाद किन-किन लोगों को भेजा गया। प्लांट पैथोलॉजी पेपर लीक मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी संपर्क और लेनदेन से संबंधित जानकारी की भी जांच कर सकती है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पेपर लीक का नेटवर्क केवल एक कॉलेज या कुछ छात्रों तक सीमित था अथवा इसमें विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
एक के बाद एक दो प्रश्नपत्र लीक होने के खुलासे से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटनाक्रम से उन विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिन्होंने निर्धारित तारीख पर पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी थी। अब उन्हें दोनों विषयों की पुनः परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। तेलीबांधा थाना पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पेपर कितने विद्यार्थियों तक पहुंचा, इसके लिए कितनी रकम वसूली गई और नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता मिलने पर उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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