छत्तीसगढ़

पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामों में जल सुलभ कराने का अटूट संकल्प

Shantanu Roy
30 April 2026 11:57 PM IST
पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामों में जल सुलभ कराने का अटूट संकल्प
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Dantewada. दंतेवाड़ा। भीषण गर्मी के मौसम में जब जल की उपलब्धता ग्रामीण जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन जाती है, ऐसे समय में जिला दंतेवाड़ा के सुदूर अंचल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समर्पित टीम ने सेवा, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मालूम हो कि जिला दंतेवाड़ा का अंतिम छोर, सुकमा सीमा के निकट स्थित ग्राम पंचायत जंगमपाल, लंबे समय से पेयजल संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा था। यहां गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो गई थी।
ग्रामीणों की परेशानी
को देखते हुए कलेक्टर के निर्देशानुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की हैंडपंप टेक्नीशियन टीम तत्काल जंगमपाल और आसपास के सुदूर गांवों के लिए रवाना हुई। विकासखंड कटेकल्याण के दुर्गम वनांचल क्षेत्र में बसे इन ग्रामों में पूरे मशीनरी, उपकरण, साजो-सामान के साथ पहुंचना आसान कार्य नहीं है। फिर भी कठिन मार्ग और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी। टीम ने लगातार तीन दिन और दो रातें गांवों में रहकर पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने का कार्य किया। इस दौरान उन्हें घर-परिवार से दूर रहकर जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करना पड़ा, लेकिन उनका उद्देश्य स्पष्ट था, हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना। इस विशेष अभियान के दौरान टीम को लीड हैंडपंप टेक्नीशियन उमा शंकर नेताम द्वारा किया गया। टीम ने जंगमपाल सहित आसपास के लगभग पाँच से छह गांवों जंगमपाल, प्रतापगिरी, छोटेलखापाल, छोटेतोंगपाल जैसे अंदरूनी ग्रामों का भ्रमण किया।

जहां सामान से भरे पिकअप को नदी पार किया गया तो कभी भरी सामान कंधों पर रखकर पगडंडियों पर चलकर जाना पड़ा। प्रत्येक गांव में खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत की गई, आवश्यक तकनीकी सुधार किए गए, जल स्रोतों की सफाई की गई तथा जल स्रोतों का क्लोरीनेशन कर जल गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। इस अथक मेहनत से हैंडपंपों का पुनर्संचालन हुआ। और ग्रामीणों को पुनः स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों ने टीम के समर्पण और अथक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी में पेयजल संकट से राहत मिलना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विभाग की इस त्वरित और प्रभावी पहल से न केवल पेयजल व्यवस्था बहाल हुई, बल्कि
ग्रामीणों में शासन
और प्रशासन के प्रति विश्वास भी और मजबूत हुआ। यह पहल दर्शाती है कि जब सेवा का संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी दूरी, कठिनाई या चुनौती कार्य के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की यह प्रतिबद्धता जल जीवन मिशन के मूल उद्देश्यकृष्हर घर जलष्कृको साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। जंगमपाल और आसपास के सुदूर गांवों में बहाल हुई यह पेयजल व्यवस्था केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि जनसेवा, समर्पण और मानवीय संवेदना की एक उत्कृष्ट मिसाल है। इस हैंडपंप संधारण टीम में टेक्नीशियन उमा शंकर नेताम, हेल्पर, राजेश नाग, राजू ठाकुर, गोविंद ठाकुर, विजेंद्र कश्यप, गौतम ठाकुर, अनिल ठाकुर, वीरेंद्र सेठिया शामिल थे।
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