छत्तीसगढ़

एमसीबी में एसईसीएल कर्मचारी की फांसी से मौत, पुराने केस से थे परेशान

Shantanu Roy
4 Jan 2026 12:33 AM IST
एमसीबी में एसईसीएल कर्मचारी की फांसी से मौत, पुराने केस से थे परेशान
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MCB एमसीबी। एमसीबी जिले के झगराखांड थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। एसईसीएल के फिल्टर प्लांट में पंप ऑपरेटर पद पर कार्यरत दिलीप सिंह (उम्र 35 वर्ष) ने दोपहर लगभग 2 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से कर्मचारी और क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, दिलीप सिंह रोजाना की तरह सुबह 7 बजे ड्यूटी पर पहुंचे थे। दोपहर में जब वह दिखाई नहीं दिए, तो सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की। मौके पर उनकी गाड़ी मौजूद थी। पुराने हाजरी घर के अंदर देखा गया तो दिलीप सिंह की लाश फांसी पर लटकी हुई मिली। तुरंत घटना की सूचना झगराखांड पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

स्थानीय पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक दिलीप सिंह पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे। उनके ऊपर 2 फरवरी 2025 की रात हुए एक सड़क हादसे से जुड़े हत्या मामले का आरोप चल रहा था। घटना में दिलीप सिंह शराब के नशे में अपनी महिंद्रा टीयूवी 300 (क्रमांक सीजी 10 एसी 5973) चला रहे थे, जिससे उनके जीजा रंजन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में रंजन सिंह की मौत हो गई थी और दिलीप सिंह को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया था। पुलिस का कहना है कि इस हत्या के केस की सुनवाई जल्द होने वाली थी। इसी कारण दिलीप सिंह कुछ दिनों से काफी परेशान थे और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह आत्महत्या की। एसईसीएल प्रशासन ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।

परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं। फिल्टर प्लांट के अधिकारी और सहकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर आवश्यक जानकारी साझा की। सहकर्मियों का कहना है कि दिलीप सिंह एक जिम्मेदार और मेहनती कर्मचारी थे, लेकिन कानूनी मामले और मानसिक दबाव ने उन्हें इस क़दम पर मजबूर कर दिया। झगराखांड थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के कारणों का पूरी तरह पता चलेगा। उन्होंने सभी से अपील की है कि संवेदनशील मामले में अफवाहों और अटकलों पर भरोसा न किया जाए। इस घटना ने न केवल परिवार को दुखी किया है, बल्कि क्षेत्र में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के बीच भी चिंता और सदमे की स्थिति उत्पन्न की है। पुलिस और एसईसीएल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कर्मचारियों की मानसिक स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
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