छत्तीसगढ़

रायपुर में पुलिस और बैंकों के लीगल हेड्स की अहम बैठक, SSP हुए शामिल

Shantanu Roy
6 Oct 2025 10:09 PM IST
रायपुर में पुलिस और बैंकों के लीगल हेड्स की अहम बैठक, SSP हुए शामिल
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छग
Raipur. रायपुर। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा रायपुर के विभिन्न बैंकों के लीगल हेड अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऑनलाइन ठगी, खाता सत्यापन और अपराध रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, अमरेश मिश्रा के मार्गदर्शन में 06 अक्टूबर 2025 को सिविल लाइन रायपुर स्थित सी-04 भवन के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने की। बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक आजाद चौक, ईशु अग्रवाल (भा.पु.से.), उप पुलिस अधीक्षक क्राइम संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली केशरी नंदन नायक, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन रमाकांत साहू, उप पुलिस अधीक्षक नरेश पटेल, उप पुलिस अधीक्षक निशिथ अग्रवाल, लीड बैंक मैनेजर मोफिज मोहम्मद और रायपुर के विभिन्न बैंकों के लीगल हेड अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सबसे पहले ऑनलाइन ठगी के शिकार व्यक्तियों के सुरक्षित मार्गदर्शन पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यदि कोई व्यक्ति बैंक में ऑनलाइन ठगी का शिकार होकर आता है, तो उसे किसी अन्य शाखा में न भेजें, बल्कि 1930 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने या साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर जाकर रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित करें। सभी बैंक शाखाओं में इस नंबर की जानकारी स्पष्ट रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, बैठक में खाता खोलने वाले ग्राहकों के भौतिक सत्यापन पर भी चर्चा की गई। नए खाता खोलते समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर कॉल या मैसेज के माध्यम से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। करपोरेट खातों के लिए भी सत्यापन अनिवार्य किया गया और 15 दिन बाद पुनः दिए गए पते पर जाकर सत्यापन की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने कहा गया।
सीसीटीवी कैमरों के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। बैंक के प्रवेश और पिछले हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी चस्पा करने की हिदायत दी गई। इसके अतिरिक्त, संदिग्ध लेनदेन, डिमांड ड्राफ्ट की वैरिफिकेशन और खाता खोलने के दौरान गारंटर का उपयोग करने के उपायों पर चर्चा हुई। चौथी स्तर की समीक्षा के बाद ही राशि को होल्ड कर खाता चालू रखने के निर्देश भी दिए गए। लीगल विभाग के लिए प्रत्येक बैंक में एक अधिकारी नियुक्त करने और विभागीय मोबाइल नंबर जारी करने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिकारी के स्थानांतरण के बाद भी कार्य बाधित न हो। बैठक में बार-बार खाता खोलने वाले व्यक्तियों की पहचान कर पुलिस को सूचित करने और पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में बैंक अधिकारियों और पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। सभी को निर्देश दिए गए कि ठगी और अन्य अपराधों में साझा कार्य योजना के तहत जानकारी का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करें। चर्चा में यह भी तय किया गया कि बैंक और पुलिस मिलकर अपराधियों को पकड़ने और पीड़ितों के धन को शीघ्र वापस दिलाने के तरीके और बेहतर बनाए जाएंगे।
डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य बैंक और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, अपराधों की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग सेवा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से जानकारी साझा करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता या समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताया और ठगी रोकने, खाता सुरक्षा बढ़ाने और कानून व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बैंकिंग क्षेत्र और पुलिस के बीच यह सहयोग नागरिकों की सुरक्षा और वित्तीय धोखाधड़ी कम करने में अत्यंत प्रभावी साबित होगा। इस बैठक से स्पष्ट हुआ कि रायपुर पुलिस और बैंकों के लीगल हेड्स मिलकर ठगी, धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अपराधों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करेंगे और नागरिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
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