छत्तीसगढ़
राज्योत्सव के मंच से अमित शाह का विपक्ष पर हमला, SIR पर खुली चुनौती
Shubhra Nandy
4 Nov 2026 9:10 AM IST

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छत्तीसगढ़ न्यूज
रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर सरकार विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार है। शाह ने कांग्रेस पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया और राहुल गांधी की ओर से आयोजित कथित 'नकली संसद' पर भी सवाल उठाए। नवा रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही में सहयोग करने और एसआईआर के मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी।
SIR पर विशेष सत्र की पेशकश, राहुल गांधी को चुनौती
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष यदि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाना चाहता है, तो सरकार संसद में बहस के लिए तैयार है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि विपक्ष संसद को चलने दे और जनता के सामने अपने तर्क रखे। शाह ने कांग्रेस नेताओं के संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन करने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति सम्मान केवल उसे हाथ में लेकर दिखाने से साबित नहीं होता, बल्कि राजनीतिक आचरण में भी संवैधानिक मूल्यों का पालन होना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित करता है और फिर बाहर अलग से बहस आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मुद्दों पर वास्तविक चर्चा संसद के भीतर होनी चाहिए।
'नकली संसद' को लेकर कांग्रेस पर हमला
अमित शाह ने विपक्ष की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने अलग से संसद जैसा आयोजन कर देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था का मजाक उड़ाया है। शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को संसद में चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने चर्चा के नाम पर केवल दिखावा किया है। हालांकि, ये अमित शाह द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर इस संबोधन के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया कार्यक्रम की उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
राज्योत्सव के मंच से केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने माओवादियों की समानांतर व्यवस्था 'जनताना सरकार' का समर्थन किया था। शाह ने कहा कि माओवादियों ने संविधान से अलग एक समानांतर प्रशासनिक व्यवस्था खड़ी कर रखी थी। इसमें मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री जैसे पद बनाए गए थे, जबकि ऐसी किसी सरकार को संवैधानिक मान्यता नहीं थी। उन्होंने वर्ष 2010 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के एक कथित बयान का भी उल्लेख किया। शाह ने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती केंद्र सरकार में नक्सलवाद समाप्त करने के लिए आवश्यक राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी।
नक्सलवाद खत्म होने का दावा, सुरक्षा बलों की सराहना
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में सफलता मिली है। शाह के अनुसार, सशस्त्र माओवादियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि बाकी 10 प्रतिशत सुरक्षा बलों के अभियान में मारे गए। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस और स्थानीय लोगों की भूमिका की सराहना की। साथ ही नक्सली हिंसा से प्रभावित आदिवासी परिवारों की पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक हिंसा के कारण बस्तर के विकास में बाधाएं आईं। शाह ने मानवाधिकारों के नाम पर नक्सलवाद का कथित समर्थन करने वालों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिंसा से प्रभावित गरीब आदिवासियों के अधिकारों और उनके जीवन की सुरक्षा को भी समान महत्व मिलना चाहिए।
छत्तीसगढ़ को पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल होगा। शाह ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और आने वाले दस वर्षों में यहां के लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने का लक्ष्य है। शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को संसाधनों की समृद्धि से जनसमृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
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