छत्तीसगढ़

अमित जोगी की बढ़ी मुश्किलें! विवादित वीडियो मामले में FIR दर्ज; माफी भी मांगी, यहां जानें कारण

Shubhra Nandy
4 Nov 2026 7:26 AM IST
अमित जोगी की बढ़ी मुश्किलें! विवादित वीडियो मामले में FIR दर्ज; माफी भी मांगी, यहां जानें कारण
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कानूनी कार्रवाई
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विवादित वीडियो से जुड़ा है। वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आपत्ति जताते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, अमित जोगी ने कथित 'वोट चोरी' के राजनीतिक मुद्दे पर व्यंग्य करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े प्रतीकात्मक किरदारों को दर्शाया गया था। भाजपा नेताओं ने वीडियो की विषयवस्तु और प्रस्तुति पर कड़ी आपत्ति जताई।
विवाद बढ़ने पर हटाया वीडियो, सार्वजनिक रूप से मांगी माफी
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। भाजपा नेताओं और अन्य लोगों ने वीडियो की भाषा तथा प्रस्तुति को लेकर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने संबंधित पोस्ट अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दी। इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य पोस्ट जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। अमित जोगी ने अपने स्पष्टीकरण में स्वीकार किया कि राजनीतिक संदेश देने का उनका तरीका उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने के लिए जिस तरह की प्रस्तुति का उपयोग किया गया, वह सही नहीं था। उन्होंने पोस्ट हटाने का निर्णय लेते हुए इससे आहत लोगों से क्षमा मांगी। हालांकि, वीडियो हटाने और माफी मांगने के बावजूद भाजपा नेताओं ने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग जारी रखी।
राजेश मूणत के नेतृत्व में थाने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता
विवादित वीडियो को लेकर रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सिविल लाइंस थाने पहुंचे थे। भाजपा नेताओं ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपकर अमित जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इस दौरान विधायक राजेश मूणत ने वीडियो की प्रस्तुति को अनुचित बताते हुए आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारधारा और नीतियों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजनीतिक विरोध व्यक्त करने की भी मर्यादा होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने केवल वीडियो साझा करने वाले व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की थी।
इन धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित जोगी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2) और 356(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यह एफआईआर रायपुर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की शिकायत पर दर्ज की गई है। हालांकि, एफआईआर की आधिकारिक प्रति के आधार पर धाराओं और शिकायतकर्ता के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
अमित जोगी के वीडियो को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दी थी। छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास ने भी अमित जोगी की आलोचना करते हुए तीखी टिप्पणी की थी। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक विरोध के नाम पर देश के संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को लेकर इस तरह की वीडियो सामग्री साझा करना अनुचित है। दूसरी ओर, अमित जोगी ने विवाद सामने आने के बाद पोस्ट हटाकर अपनी प्रस्तुति के तरीके पर खेद व्यक्त किया था।
एफआईआर के बाद आगे क्या होगा?
सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज होने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, उसके निर्माण और प्रसार से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामले में गिरफ्तारी या अदालत की किसी नई कार्यवाही की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, अमित जोगी के विवादित वीडियो और उसके बाद दर्ज एफआईआर ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है।

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