छत्तीसगढ़
अमित जोगी ने विवादित बयान के लिए मांगी माफ़ी, सोशल मीडिया से हटाई पोस्ट
Shantanu Roy
2 Nov 2026 4:27 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में घिर गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक कटाक्ष करने के उद्देश्य से साझा किए गए एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना हो रही है। विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने संबंधित पोस्ट अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दी और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिस तरीके से अपनी बात रखी गई, वह उचित नहीं था। जानकारी के मुताबिक, अमित जोगी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक वीडियो साझा किया था।
इस वीडियो में कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहने दो व्यक्तियों को दिखाया गया था। वीडियो में दोनों पात्रों की सांकेतिक शादी कराई गई थी। इसके बाद हनीमून की थीम पर आधारित एक अन्य वीडियो भी पोस्ट किया गया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी। आलोचकों ने इसे राजनीतिक व्यंग्य के नाम पर व्यक्तिगत मर्यादा का उल्लंघन बताया। कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने सवाल उठाया कि राजनीतिक विरोध जताने के लिए इस तरह की प्रस्तुति कितनी उचित है। वहीं, इस पूरे मामले ने राजनीतिक अभिव्यक्ति और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखने को लेकर भी बहस छेड़ दी। बताया जा रहा है कि अमित जोगी ने वीडियो के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, वीडियो में इस्तेमाल किए गए प्रतीकों और हनीमून से जुड़े दृश्य को लेकर आपत्ति जताई गई।
नशा फटने के बाद नशेड़ी को अहसास हो रहा है कि उससे गलती हो गया है लेकिन ये माफीनामा काफ़ी नहीं है ना माफ़ी योग्य है! @AmitJogi https://t.co/k5egeemYKa
— Gouri Shanker Shrivas (@ShrivasGouri) November 2, 2026
आलोचकों का कहना था कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और व्यंग्य की पूरी गुंजाइश है, लेकिन किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति या राजनीतिक नेता को निशाना बनाते समय भाषा और प्रस्तुति की मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है। विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर एक स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने अपनी पोस्ट हटाने की जानकारी देते हुए लिखा, "एक रेखा जिसे मैं पार नहीं करना चाहता। अब पोस्ट हटा दी गई।" इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि वीडियो के माध्यम से वह जो संदेश देना चाहते थे, उसके पीछे उनका राजनीतिक विचार अब भी वही है, लेकिन उसे प्रस्तुत करने का तरीका आदर्श नहीं था। अमित जोगी ने अपने स्पष्टीकरण में लिखा, "Honeymoon पोस्ट के संदर्भ में, आज सुबह मुझे एहसास हुआ कि जो संदेश मैं देना चाहता था, वह मेरे विश्वास के अनुसार आज भी वैध है लेकिन उसे जिस तरीके से दिया गया, वह आदर्श नहीं था।" उन्होंने आगे कहा कि खुद का मजाक उड़ाकर अपनी बात रखना अलग बात है।
लेकिन जब किसी व्यंग्य की पृष्ठभूमि हनीमून जैसे निजी विषय से जुड़ जाती है। तो वह व्यक्तिगत सीमाओं के करीब पहुंच जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसी सीमा पार नहीं करना चाहते। अमित जोगी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अपना मजाक उड़ाकर अपनी बात कहना एक बात है, जैसे कउआ गाने में। लेकिन दूसरी बात तब होती है जब सेटिंग ही एक हनीमून के रूप में निजी दायरे में चली जाती है। उन्होंने कहा कि यही वह सीमा है जिसे वह पार नहीं करना चाहते और इसी कारण उन्होंने संबंधित पोस्ट हटा दी है। इसके साथ ही अमित जोगी ने लिखा, "जिनकी भावनाएं आहत हुईं, उनसे मेरी हार्दिक क्षमा-याचना।" इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक व्यंग्य की सीमाओं और सोशल मीडिया पर नेताओं की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अमित जोगी ने पोस्ट हटाकर माफी मांग ली है, लेकिन इस विवाद ने राजनीतिक संदेश देने के तरीकों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित वोट चोरी को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।
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