बस्तर आ रहे अमेरिकी प्रोफेसर, आदिवासी महिलाओं को सिखाएंगे बिजनेस के गुर

रायपुर। अमेरिका और भिलाई यूनिवर्सिटी के संयुक्त प्रयास से बस्तर की 300 आदिवासी महिलाओं को अमेरिकी विशेषज्ञ बिजनेस के गुर सिखाएंगे। विश्वविद्यालय ने 23 और 24 दिसंबर को दो दिवसीय मार्केटप्लेस साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में IIT भिलाई तकनीकी और अकादमिक सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। यह कार्यशाला जगदलपुर में सुबह 9:30 बजे से शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय और अनुसंधान केंद्र, कुम्हरावंड के ऑडिटोरियम में आयोजित होगी। बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य बस्तर की आदिवासी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और बागार की समझ से सशक्त बनाना है।
अमेरिका के विशेषज्ञों और IIT भिलाई के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, छोटे व्यवसाय शुरू करने और उन्हें सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यशाला में बस्तर संभाग के सात जिलों से चयनित 300 आदिवासी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसमें विशेष रूप से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनएलआरएम) से जुड़ी महिलाओं को शामिल किया गया है। IIT भिलाई और अमेरिका की लॉयला मेरीमाउंट यूनिवर्सिटी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षाविद प्रो. मधु विश्वनाथन मुख्य प्रशिक्षक के रूप में शामिल होंगे। वे महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, उसे बाजार से जोड़ने और सफल बनाने के व्यावहारिक बिजनेस के गुर सिखाएंगे। अब तक एनएलआरएम से जुड़ी महिलाओं को व्यवसाय के लिए केवल आर्थिक सहायता दी जाती भी, लेकिन व्यवसायिक प्रशिक्षण नहीं दिया जाता था। बस्तर विश्वविद्यालय की इस पहल के जरिए महिलाओं को पैसे के साथ-साथ ज्ञान और कौशल भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं में बाजार और विपणन की समझ, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता, छोटे व्यवसाय और उद्यमिता को बढ़ावा देना और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।





