छत्तीसगढ़

हॉस्टल में रैगिंग का आरोप, दो छात्रों के सिर फोड़े

Shantanu Roy
5 Sept 2026 1:55 PM IST
हॉस्टल में रैगिंग का आरोप, दो छात्रों के सिर फोड़े
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Ambikapur. अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में 11वीं कक्षा के दो छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि रैगिंग के दौरान 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने लोहे के कड़े से दोनों छात्रों के सिर पर हमला कर दिया। हमले में दोनों छात्र घायल हो गए और मौके पर बेहोश हो गए। मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने चार नाबालिगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी परिजनों ने
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हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्रों के घायल होने के बावजूद उन्हें समय पर इसकी सूचना नहीं दी गई। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी मिली। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आधी रात हॉस्टल में हुई मारपीट
जानकारी के मुताबिक, घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय की है। 3 सितंबर की रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच हॉस्टल में 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के बीच घटना हुई। आरोप है कि 12वीं कक्षा के कुछ सीनियर छात्रों ने रैगिंग के दौरान 11वीं के दो छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान लोहे का कड़ा पहने एक छात्र ने कथित तौर पर दोनों के सिर पर हमला किया। इससे दोनों छात्रों के सिर में चोट आई और वे लहूलुहान हो गए। बताया जा रहा है कि मारपीट के बाद दोनों छात्र मौके पर बेहोश भी हो गए थे। घटना के बाद हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्रों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद विद्यालय में पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों में भी डर का माहौल बताया जा रहा है।
परिजनों को सूचना नहीं देने का आरोप
घायल छात्र प्रशांत के पिता अजय कुमार मार्को ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी विद्यालय प्रबंधन की ओर से नहीं दी गई। बेटे ने फोन कर उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। पिता के मुताबिक, बेटे ने बताया कि हॉस्टल में सीनियर छात्रों ने रैगिंग के दौरान उसके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना होने और छात्र के घायल होने के बावजूद हॉस्टल अधीक्षक तथा प्राचार्य की ओर से परिवार को तत्काल कोई सूचना नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि आवासीय विद्यालय में अपने बच्चों को भेजने के बाद उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विद्यालय और हॉस्टल प्रबंधन की होती है। ऐसी स्थिति में किसी छात्र के घायल होने पर परिवार को तत्काल जानकारी दी जानी चाहिए थी।
चार नाबालिगों के खिलाफ मामला दर्ज
घटना की शिकायत गांधीनगर थाना पुलिस तक पहुंचने के बाद मामले में कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने चार नाबालिगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। चूंकि मामले में नाबालिग शामिल हैं, इसलिए पुलिस किशोर न्याय से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की विधिवत कार्रवाई कर रही है। वहीं परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि हॉस्टल में आधी रात को मारपीट की स्थिति कैसे बनी और घटना के बाद घायल छात्रों के परिवारों को तत्काल जानकारी क्यों नहीं दी गई। घटना सामने आने के बाद दूसरे छात्रों के अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब पुलिस जांच के साथ विद्यालय स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर भी परिजनों की नजर बनी हुई है।
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