सारे मठाधीश अपने-अपने अखाड़े से उतार रहे पहलवान, नए चेहरे पर फोकस

लालकिला ढहाएगी सरकार: प्रेस क्लब चुनाव का शंखनाद, 13 जनवरी को होगा मतदान
मतदान और मतगणना के साथ प्रेस क्लब के नए अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी का चुनाव होगा
विभिन्न गुट अपने-अपने समर्थन में माहौल बनाने में जुटे
लाल झंडे का जोर सितम खत्म होने के कगार पर
ब्राहण लाबी और सरकार की लाबी तय करेगी प्रेसक्लब चुनाव की दिशा
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब के चुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। कलेक्टर द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 6 जनवरी से 13 जनवरी तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी। जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार 6 जनवरी से 8 जनवरी तक नामांकन पत्रों की प्राप्ति और जमा करने का कार्य होगा वहीं
नाम निर्देशन पत्रों की जांच (संवीक्षा) एवं वैध नामांकन पत्रों की सूची का प्रकाशन 09 जनवरी 2026 को किया जाएगा। नाम निर्देशन पत्रों की वापसी के लिए 10 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है इसी दिन अंतिम रूप से चुनाव लडऩे वाले अ यर्थियों की सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदान 13 जनवरी 2026 को प्रात: 8 बजे से शाम 4 बजे तक प्रेस क्लब रायपुर में संपन्न होगा। मतदान समाप्ति के तत्काल पश्चात् उसी दिन मतगणना भी प्रेस क्लब रायपुर में की जाएगी।
इस तरह 13 जनवरी को मतदान और मतगणना के साथ प्रेस क्लब के नए अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही प्रेस क्लब में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होते ही विभिन्न गुट अपने-अपने समर्थन में माहौल बनाने में जुट गए हैं। इसी बीच चुनाव से ठीक पहले बड़ी सं या में जोड़े गए नए सदस्यों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार चुनाव घोषणा से पहले करीब 300 नए सदस्यों को प्रेस क्लब की सदस्यता दी गई थी। अब पूर्व पदाधिकारियों द्वारा इन नए सदस्यों को लामबंद कर चुनावी समीकरण साधने की कोशिश की जा रही है। हालांकि वैध कार्यकाल 17 फरवरी 2023 तक ही होने की स्थिति को लेकर नए सदस्य भी असमंजस में हैं। यही कारण है कि अब तक केवल 30 से 35 सदस्यों ने ही दावा-आपत्ति दर्ज कराई है।
सदस्यता को लेकर क्या कहता है संविधान
रायपुर प्रेस क्लब के संविधान में सदस्यता संबंधी प्रावधान अनुसूची-4 में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। इसके अनुसार कोई भी पत्रकार तभी सदस्य माना जाएगा जब निर्धारित प्रपत्र में आवेदन किया जाए।
कार्यकारिणी द्वारा सदस्यता का अनुमोदन किया जाए और अनुमोदन के पश्चात निर्धारित सदस्यता शुल्क जमा करा लिया जाए, संविधान के अनुसार सदस्यता की प्रभावी तिथि वही मानी जाएगी, जिस दिन सदस्यता शुल्क जमा किया गया हो। इस आधार पर जून माह में लिए गए आवेदन और अक्टूबर में जमा की गई सदस्यता शुल्क वाले सदस्य वैध कार्यकाल के बाद बनाए गए माने जाएंगे, जिससे उनकी सदस्यता की वैधता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
मतदान अधिकार पर भी स्पष्ट नियम
प्रेस क्लब के संविधान की अनुसूची-6 में चुनावी पात्रता को लेकर स्पष्ट प्रावधान है। इसके तहत कोई भी नया सदस्य तब तक चुनाव में भाग नहीं ले सकता, जब तक कि उसने सदस्य के रूप में न्यूनतम छह माह की अवधि पूरी न कर ली हो।
इस प्रावधान के अनुसार हाल ही में बनाए गए नए सदस्य छह माह की पात्रता पूरी नहीं करते, ऐसे में उन्हें मतदान का अधिकार दिए जाने की अनुमति संविधान नहीं देता। ऐसे में नए बनाए गए 275 से अधिक सदस्य को वोटिंग की अनुमति नहीं मिल पाया। पुराने सदस्य ही प्रत्याशी चुनेंगे।
चुनावी गणित बिगड़ा
अब दावा-आपत्ति प्रक्रिया के बाद निर्वाचन अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। चुनाव के दौरान सदस्यता और मतदान पात्रता को लेकर उठे सवाल प्रेस क्लब की चुनावी प्रक्रिया के लिए अहम माने जा रहे हैं। संविधान में इस संबंध में दिए गए प्रावधानों का वर्तमान पदाधिकारी के खिलाफ जाना उनके वोट बैंक को एक बड़ा झटका माना जा रहा है।





