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रितेश अग्रवाल के नाम पर रितेश साहू CGMSC के कर्मचारी अधिकारियों पर दबाव डालकर आयुर्वेदिक दवाओं के निवादा में करा रहा फर्जीवाड़ा
सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक के नाम पर फर्जीवाड़ा
मोक्षित कार्रोपेशन दवाई घोटाले की राह पर फिर से सीजीएमएससी
बड़े फर्जीवाड़े की तैयारी सरकार और मंत्री को बदनाम करने की तैयारी
सीजीएमएससी मेन पावर (आउट सोर्सिंग) के भरोसे जिनकी वास्तविक जि मेदारी कुछ नहीं है
निविदा में लगाए गए नियम शर्तों को अपनी सुविधा अनुसार अपने चेहते लोगों को फायदा देने के लिए बदलते हैं
रायपुर (जसेरि)। सीजीएमएससी में आयुर्वेदिक दवा खरीदी के लिए 2026 की निविदा प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती जा रही है। अपात्र कंपनियों को फिर से नियमविरुद्ध दस्तावेज लेकर पात्र करने की कार्यवाही की जा रही है। इससे निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। जिसके कारण गैर निर्माता लोग फर्जी दस्तावेज के आधार पर निर्माता बनकर सीजीएमएससी के अधिकारी-कर्मचारियों एवं नेताओं को प्रभावित कर अपने फर्जी दस्तावेज के आधार पर पात्र होकर मोटी कमीशन देकर स्तरहीन व अमानक दवाइयों की सप्लाई करने की तैयारी है जिसके कारण आम जनता के स्वास्थ्य व जीवन से बड़ा खिलवाड़ हो सकता है।
सीजीएमएससी द्वारा निविदा प्रक्रिया में जिन कंपनियों को शामिल किया गया है उनमें अधिकतर कंपनियों के पास निविदा में जो दस्तावेज मांगे गए है वे दस्तावेज भी नहीं हैं। निविदा क्रमांक -07 एवं 08 में पेटेंट आयुर्वेदिक दवाओं के लिए कंपनी अंजनि फार्मासिटिकल्स, आयसिदध हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड. भूषण फार्मासिटिकल्स प्रा. लि., दिनदयाल इंडस्ट्री लिमिटेड. हिमालया रिसर्च लेबोरेटरी, जमुना हर्बल रिसर्च लिमिटेड. जमुना फार्मासिटिकल्स, मेसर्स बैजनाथ फार्मासिटिकल्स, पेटलाड महल आरोग्य मंडल फार्मेसी, रोनपाल बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड. द हिमालया ड्रग कंपनी, उपकरण फार्मासिटिकल्स, बैजनाथ फार्मासिटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, इस्पा फार्मासिटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स अमर फार्मासिटिकल्स लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने टेंडर में भाग लिया गया है. जबकि इन कंपनियों के पास निविदा के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे, पूर्ण आडिट रिपोर्ट सीए के द्वारा सत्यापित, निविदा जारी होने के तीन माह अर्थात, मार्च अप्रेल, मई जून का जीएसटी रिटर्न, फर्जी पावर पाइन्ट , नाम कन्वेशिंग वैध सर्टी फिकेट, मार्केट स्टैंंडिंग, जीएमपी सर्टीफिकेट, सरकारी सप्लाई किए गए आर्डर के तीन वर्ष की कापी, एनेक्सर -7 के चेकलिस्ट को अधूरा भरा जाना जैसे संबंधित दस्तावेज भी नहीं लगाए गए हैं।
निविदा प्रक्रिया का नियम यह है कि निविदा जारी होने के बाद निर्माता कंपनियों के द्वारा सीजीएमएससी के द्वारा तय किए गए समय अनुसार निविदा प्रक्रिया में भाग लिया जाता है और निविदा में मांगे दस्तावेजों को आनलाइन अपलोड किया जाता है, निविदा प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अतिरक्त दस्तावेज लेने का प्रावधान नहीं है परंतु अंजनि फार्मासिटिकल्स के द्वारा निविदा के समय वैध नान कन्वसिंग सर्टीफिकेट नहीं लगाया गया है दावा-आपत्ति के समय उक्त कंपनी द्वारा आफिस आफ द ड्रग कंट्रोलर आयुष मध्यप्रदेश के द्वारा पत्र क्रं. ड्रग/26/051 भोपाल दिनांक 6/8/2026 के दस्तवेज को फर्जी तरीके से जमा करवा कर वैध होना चाह रहे हैं। इसी प्रकार कच्ची औषधि/क्रूड में दावा आपत्ति में जीएसटी और वैलेंस सीट नाट फाउन्ड लिखा गया है। श्री संभव एजेंसी धमतरी रोड रायपुर, वलेटींग हेल्थ केयार एंव डायमंड एजेंसी डूमरतराई औषधि वाटिका मेडिकल का पलेक्स के द्वारा सीजीएमएससी के अधिकारियों को प्रभावित कर फर्जी एवं गलत तरीक से दस्तावेज को जमा करवाकर वैध होना चाह रहे हैं।
Eligibility Criteria क्रमांक 3.1.2, average annual turn over के साथ ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी लगाना अनिवार्य है जो कि लगभग 30-40 पेज का होता है लेकिन कम्प्लीट रिपोर्ट न लगाकर केवल बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के 06 पेज ही लगाया है जो कि कम्प्लीट ऑडिट रिपोर्ट नहीं है। अतः वैध नहीं है।
Eligibility Criteria क्रमांक 3.1.2, average annual turn over के साथ ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी लगाना अनिवार्य है जो कि लगभग 30-40 पेज का होता है लेकिन ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी ही नहीं लगाई है। अतः वैध नहीं है।
2. 5.1 स.क्र. 3 जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और टेंडर की पब्लिश तारीख से पिछले 3 महीने के कम से कम 1 महीने के GST Return की कॉपी। इस नियम के अंतर्गत कम से कम मार्च अप्रैल मई जून 2026 में से किसी 1 माह का GST Return की कॉपी लगाना अनिवार्य है लेकिन मार्च माह की जगह फरवरी 2026 के GST Return की कॉपी लगाई गई है जो कि वैध नहीं है।
3. 5.1 स.क्र. 4 वैलिड मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस / ड्रग लाइसेंस / इम्पोर्ट लाइसेंस (सिर्फ ड्रग लाइसेंस और रिन्यूवल सर्टिफिकेट की ओरिजिनल कॉपी स्कैन करके अपलोड करे अगर ओरिजिनल कॉपी उपलब्ध नहीं है तो ड्रग लाइसेंस और रिन्यूवल सर्टिफिकेट की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी स्कैन करके अपलोड करें इस नियम के अंतर्गत वैलिड मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस की कॉपी लगाना अनिवार्य था जो कि नहीं लगाया गया है अतः वैध नहीं है।
4. 5.1 स.क्र. 8 जी.एम.पी. (सिर्फ मैन्युफैक्चरर्स के लिए) जो क्वालिटी अथॉरिटी जारी करे। इस नियम के अंतर्गत वैलिड जीएमपी लाइसेंस लगाना अनिवार्य है जो कि नहीं लगाया गया है अतः वैध नहीं है।
5. 5.1 स.क्र. 10 उन चीजों की लिस्ट जिनके लिए बोली एनएक्सचर-04 में दिए गए फॉर्मेट के अनुसार लगाई गई है (100 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर जिसे पब्लिक नोटरी से नोटराइज किया गया हो) जीएसटी और एचएसएन नंबर के साथ। लेकिन जिन चीजों की बोली लगाई गई है उसमें और एनएक्सचर-07 में जो लिखा है उसमें अंतर है। एनएक्सचर-04 में जो ड्रग कोड लिखा है वह एनएक्सचर-07 में नहीं लिखा है उसमें अलग ड्रग कोड लिखा है जो एनएक्सचर-04 के दर्शाये गए कोड से मेल नहीं खाता है। अतः वैध नहीं है।
6. 5.1 स.क्र. 13 कोड किये गये प्रोडक्ट की प्रोडक्शन डिटेल (एनएक्सचर-07 में दिये गये फॉर्मेट के अनुसार) एनएक्सचर-07 में दी गई चेक लिस्ट को जरूर भरना होगा, और सरकारी संस्थाओं को सप्लाई की गई दवाओं के परचेज ऑर्डर की कॉपी एसओआर के अनुसार आइटम कोड बताते हुए अटैच करनी होगी। इस नियम के अंतर्गत एनएक्सचर-07 के सभी कॉलम को भरना अनिवार्य है। जो भी सरकारी क्रय आदेश की कॉपी लगाई गई है उसमें ड्रग कोड नहीं लिखा गया है। अतः वैध नहीं है। प्राइवेट सेल्स के लोकल क्रय आदेश की कॉपी लगाई है जिसमें ड्रग कोड नहीं लिखा है एवं वह वैध नहीं है।
7. 5.1 स.क्र. 14 टेंडर देने वाले के किसी ऑफिसर को अथॉराइज करने वाले डॉक्यूमेंट जैसे पावर ऑफ अटॉर्नी बोर्ड का रेजोल्यूशन वगैरह टेंडर के साथ कंपनी/फर्म के अथॉराइज्ड सिग्नेचर के साइन किये हुए होने चाहिए और टेंडर देने वाले के ऐसे अथॉराइज्ड ऑफिसर को टेंडर डॉक्यूमेंट पर साइन करना चाहिए (एनएक्सचर-08)।
इस नियम के अंतर्गत फर्म जिस व्यक्ति को टेंडर में साइन करने के लिए अथॉराइज करती है वह फर्म में ऑफिसर होना चाहिए। लेकिन आपके द्वारा जिनको अथॉराइज किया गया है वह फर्म में ऑफिसर नहीं है। अतः वैध नहीं है।
8. 5.1 स.क्र. 16 पिछले 3 साल के लिये कोड की गई हर दवा के लिये मैन्युफैक्चरर्स के तौर पर लाइसेंसिंग अथॉरिटी से जारी किया गया मार्केट स्टैंडिंग सर्टिफिकेट (सीजीएमएससी टेंडर के लिये खास तौर पर मिला सर्टिफिकेट / यह जनरल में होना चाहिए) प्रोडक्ट की लिस्ट के साथ अपलोड किया जाना चाहिए।
अगर ऊपर दिया गया मार्केट स्टैंडिंग सर्टिफिकेट संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने नहीं दिया है तो संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी के लेटर के साथ सीजीएमएससी मार्केट स्टैंडिंग सर्टिफिकेट की कॉपी (कम से कम 3 साल) जमा करनी होगी। जिसे नहीं किया गया है अतः वैध नहीं है।
9. 5.1 स.क्र. 16 मार्केट स्टैंडिंग सर्टिफिकेट लगाया है उसमें सील एवं सिग्नेचर नहीं है एवं साथ ही 3 साल के प्रोडक्ट की लिस्ट भी नहीं लगाई गई है। अतः वैध नहीं है।
5.1 स.क्र. 16 मार्केट स्टैंडिंग सर्टिफिकेट 3 साल के प्रोडक्ट के लिस्ट के साथ लगाना अनिवार्य है लेकिन आपके द्वारा जमा की गई लिस्ट में 2 साल के एम.एफ.जी. किये गये प्रोडक्ट की लिस्ट लगाई है जो कि वैध नहीं है।
10. 5.1 स.क्र. 23 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन जमा करना होगा जिसमें मैन्युफैक्चरिंग साइट की कम से कम 20 तस्वीरें हो।
5.1 स.क्र. 23 पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन लगाना अनिवार्य है जो कि आपके द्वारा नहीं लगाया गया है। अतः वैध नहीं है।
5.1 स.क्र. 23 पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का फोटो लगाना अनिवार्य है एवं फैक्ट्री के बिल्डिंग की फोटो फर्म के नाम के साथ नहीं लगाया गया है। अतः वैध नहीं है।
5.1 स.क्र. 23 दो फर्मों में (रोहनपाल बायोटेक एवं भूषण फार्मासिटिकल) में एक जैसे पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन लगा है। अतः वैध नहीं है।
11. 5.1 स.क्र. 24 प्रोडक्ट परमिशन लाइसेंसिंग अथॉरिटी से अप्रूव होनी चाहिए और वैलिड होनी चाहिए। प्रोडक्ट परमिशन डॉक्यूमेंट में रेफरेंस बुक भी साफ-साफ लिखा होना चाहिए। वैलिड प्रोडक्ट परमिशन नहीं लगाया है। अतः वैध नहीं है।
12. पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन में फर्म का जो साइन बोर्ड लगा है वह दिल्ली के आउटलेट का है। फैक्ट्री के बिल्डिंग में फर्म के नाम के साथ फोटो नहीं लगा है। अतः वैध नहीं है।
13. 5.1 स.क्र. 5 लाइसेंसिंग अथॉरिटी से अप्रूव लाइसेंस की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी जिसमें बिड प्रोडक्ट परमिशन / कोड किये गये आइटम और ड्रग कोड (CGMSC) को जरूरी तौर पर हाईलाइट किया जाना चाहिए। टेंडर डॉक्यूमेंट में बताये गये ड्रग कोड को बताना होगा।
अगर कोड किये गये प्रोडक्ट्स जमा की गई लाइसेंस और प्रोडक्ट परमिशन की कॉपी में हाईलाइट नहीं पाये जाते हैं तो आगे की प्रोसेसिंग के लिए उन पर विचार नहीं किया जायेगा। वेरिफिकेशन के लिए मांग जाने पर ओरिजिनल डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे। प्रोडक्ट परमिशन की कॉपी में ड्रग कोड नहीं लिखे हैं एवं हाईलाइट नहीं किया गया है अतः वैध नहीं है।
14. 5.1 स.क्र. 27 लाइसेंसिंग अथॉरिटी से जारी वैलिड नॉन कन्वर्जन सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य है। जो नॉन-कन्वर्जन सर्टिफिकेट लगाया है उसमें सर्टिफिकेट जारी करने की तारीख तो लिखी है लेकिन वह कब तक वैध है यह नहीं लिखा गया है। अतः वैध नहीं है।
15. 5.1 स.क्र. 10 उन चीजों की लिस्ट जिनके लिए बोली एनएक्सचर-04 में दिये गये फॉर्मेट के अनुसार लगाई गई है (100 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर जिसे पब्लिक नोटरी से नोटराइज किया गया हो) जीएसटी और एचएसएन नंबर के साथ।
लेकिन आपके द्वारा एनएक्सचर-04 (लिस्ट ऑफ आइटम्स जिसके लिये बोली लगाई गई है) जमा नहीं किया गया है। अतः वैध नहीं है।
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