छत्तीसगढ़
धान खरीदी से पहले बिचौलियों पर प्रशासन का शिकंजा, 5 ठिकानों से 216 बोरी धान जब्त
Shubhra Nandy
29 Oct 2026 10:50 AM IST

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मंडी एक्ट में कार्रवाई
कबीरधाम : छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी से पहले अवैध भंडारण और बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कबीरधाम जिले में कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर खाद्य विभाग और मंडी समिति की संयुक्त टीम ने पांच अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए 216 बोरी धान जब्त किया है। जब्त धान का कुल वजन 86.40 क्विंटल बताया गया है। इस मामले में संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ मंडी अधिनियम के तहत पांच प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को आगामी धान खरीदी सीजन से पहले महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य सरकारी खरीदी व्यवस्था में अनधिकृत कारोबार और बिचौलियों के हस्तक्षेप को रोकना है, ताकि पंजीकृत किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
खरीदी शुरू होने से पहले पांच ठिकानों पर कार्रवाई
कबीरधाम जिले में धान खरीदी की तैयारियों के बीच खाद्य विभाग और मंडी समिति ने अवैध कारोबार के खिलाफ संयुक्त जांच अभियान चलाया। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर गठित टीम ने जिले के उड़ियाकला, बिडोरा, कल्याणपुर, भागूटोला और तरेगांव जंगल में जांच की। इस दौरान पांच अलग-अलग स्थानों से कुल 216 बोरी धान जब्त किया गया। संबंधित मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन के अनुसार, धान खरीदी शुरू होने से पहले जिले में अवैध धान व्यापार के विरुद्ध यह पहली कार्रवाई है।
जानिए कहां कितनी कार्रवाई
खाद्य विभाग और मंडी समिति की संयुक्त टीम ने पांच प्रतिष्ठानों और व्यक्तियों से धान जब्त करने की जानकारी दी है। सहसपुर लोहारा क्षेत्र के उड़ियाकला स्थित बजरंगबली ट्रेडर्स से 60 बोरी धान जब्त किया गया, जिसका वजन 24 क्विंटल है। बिडोरा में भोजराम पटेल के यहां से 40 बोरी यानी 16 क्विंटल धान जब्त हुआ। कल्याणपुर में पेखन साहू से 55 बोरी यानी 22 क्विंटल धान बरामद किया गया। भागूटोला स्थित परमात्मा ट्रेडर्स से 50 बोरी अर्थात 20 क्विंटल धान जब्त किया गया। इसी तरह तरेगांव जंगल में अजय नाग के यहां से 11 बोरी यानी 4.40 क्विंटल धान जब्त किया गया। इन पांचों स्थानों से कुल 86.40 क्विंटल धान जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
बिचौलियों के जरिए धान खपाने की आशंका पर प्रशासन सतर्क
छत्तीसगढ़ में सरकारी दर पर धान खरीदी की व्यवस्था के कारण हर वर्ष खरीदी सीजन से पहले अवैध भंडारण और अनधिकृत धान व्यापार रोकना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है। ऐसे मामलों में नियमों के विरुद्ध धान का भंडारण और व्यापार होने पर सरकारी खरीदी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कबीरधाम जिला प्रशासन ने खरीदी सीजन शुरू होने से पहले निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि, वर्तमान कार्रवाई में जब्त धान को सरकारी खरीदी केंद्रों में खपाने की किसी विशिष्ट साजिश या नेटवर्क की पुष्टि नहीं हुई है। यह जांच और आगामी वैधानिक कार्रवाई का विषय है।
अंकुश लगाने के लिए बढ़ाई निगरानी
जिला खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन ने बताया कि जिले में धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले अवैध धान व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। इसी के तहत खाद्य विभाग और मंडी समिति की टीम ने पांच स्थानों पर संयुक्त कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि अनियमित भंडारण और बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। धान खरीदी से जुड़े नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वास्तविक किसानों को प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। राज्य सरकार ने किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की घोषित दर से खरीदने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत वास्तविक किसानों की पात्रता, पंजीकृत रकबे और निर्धारित नियमों के अनुसार धान खरीदी की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसानों को निर्धारित केंद्रों पर किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
कबीरधाम में 145 खरीदी केंद्रों की तैयारी, 37 नए केंद्र शामिल
कबीरधाम जिले में इस खरीफ सीजन के लिए 145 धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें 108 पुराने और 37 नए केंद्र शामिल हैं। प्रशासन ने सभी केंद्रों की आवश्यक तैयारियां 10 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, तौल उपकरणों की जांच तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक किसानों के पंजीकृत रकबे के आधार पर ही धान खरीदी की जाए।
मंडी अधिनियम के तहत पांच प्रकरण
खाद्य विभाग और मंडी समिति की संयुक्त कार्रवाई में पांच प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि अनधिकृत रूप से धान का व्यापार करने और मंडी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल जब्त धान और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम दोष निर्धारण जांच और वैधानिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। कबीरधाम जिले में धान खरीदी शुरू होने से पहले 216 बोरी धान की जब्ती प्रशासन की सक्रिय निगरानी का संकेत है। अब प्रशासन के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि आगामी खरीदी सीजन में बिचौलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रहे और वास्तविक किसानों को सरकारी खरीदी व्यवस्था का लाभ बिना परेशानी मिले।
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