छत्तीसगढ़

गंदे पानी पर सख्त हुआ प्रशासन, 7 दिन में जांच- मरम्मत के निर्देश

Shantanu Roy
19 May 2026 8:47 PM IST
गंदे पानी पर सख्त हुआ प्रशासन, 7 दिन में जांच- मरम्मत के निर्देश
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Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में गंदे और बदबूदार पानी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को अलर्ट जारी किया है। विभाग ने साफ कहा है कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। साथ ही सभी निकायों को सात दिन के भीतर जलप्रदाय व्यवस्था, हैंडपंप, बोरवेल और पाइपलाइन की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को जारी आदेश में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट और दूषित पानी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पाइपलाइन लीकेज और सीवेज लाइन के संपर्क में आने से पेयजल दूषित होने का खतरा बना रहता है। विभाग ने पूर्व में पानी के सैंपलों में ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया मिलने की घटनाओं का हवाला देते हुए जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। आदेश के मुताबिक सभी नगरीय निकायों को जल गुणवत्ता की नियमित जांच करनी होगी और हर 15 दिन में रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके अलावा पानी की टंकियों की साल में कम से कम दो बार सफाई, पाइपलाइन लीकेज की तत्काल मरम्मत और जरूरत पड़ने पर री-क्लोरीनेशन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। सार्वजनिक नलों और हैंडपंपों के आसपास सफाई बनाए रखने तथा जल स्रोतों के पास कचरा जमा नहीं होने देने को भी अनिवार्य किया गया है।
विभाग ने कम पानी दबाव वाले इलाकों में मोटर लगाकर पाइपलाइन से पानी खींचने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। अधिकारियों को ऐसे कनेक्शनों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दूषित पानी वाले हैंडपंपों को लाल रंग से चिन्हित कर उनके हैंडल हटाने के आदेश भी जारी किए गए हैं ताकि लोग गलती से उस पानी का उपयोग न कर सकें। इधर बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में गंदे पानी की शिकायतों के बाद निगम प्रशासन हरकत में आया। कपिल नगर और शास्त्री नगर में पिछले तीन दिनों से लोगों को बदबूदार और मटमैला पानी मिलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद नगर निगम की सात सदस्यीय टीम ने क्षेत्र में जांच शुरू की। करीब पांच घंटे तक चली जांच में मेन रोड पर तीन जगह पाइपलाइन लीकेज पाए गए। अधिकारियों के अनुसार इन लीकेज के कारण करीब 150 घरों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा था। स्थिति को देखते हुए निगम ने अशोक नगर टंकी की ओर से आने वाली लाइन बंद कर दी और कपिल नगर पंप से सीधे पानी सप्लाई शुरू की गई।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कई गलियों में अब भी गंदा पानी आ रहा है। पूर्व पार्षद राजेश शुक्ला ने दावा किया कि समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और कई घरों में बदबूदार पानी की सप्लाई जारी है। वहीं कार्यपालन अभियंता और जल शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि शिकायत मिलते ही टीम को अलर्ट कर दिया गया था और जहां लीकेज मिला उसे तुरंत बंद कराया गया। उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन दिन तक और जांच की जाएगी क्योंकि अन्य स्थानों पर भी लीकेज होने की आशंका बनी हुई है। अमृत मिशन के तहत शहर में हो रही जल आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में शहर की 22 पानी टंकियों से प्रतिदिन 25 से 30 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद करीब 35 हजार घरों में मटमैले और बदबूदार पानी की शिकायतें सामने आई हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें सरकंडा क्षेत्र से मिली हैं। इसके अलावा मगरपारा, तालापारा, व्यापार विहार, तारबाहर और पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के पीछे के इलाकों के लोग भी परेशान हैं।
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