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छत्तीसगढ़
Chhattisgarh छत्तीसगढ़: जिला प्रशासन में उस समय हलचल मच गई जब अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर करोड़ों रुपये की जमीन के सौदे में अनियमितता और नियम विरुद्ध नामांतरण कराने के गंभीर आरोप सामने आए। मामले की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।
आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि मदनपुर क्षेत्र की पुनर्वास भूमि को प्रभाव का इस्तेमाल कर निजी नाम पर दर्ज कराया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को कम कीमत पर दर्शाकर स्टांप शुल्क में गड़बड़ी की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच समिति गठित की है, जिसमें जिला पंचायत सीईओ, संबंधित एसडीएम, तहसीलदार और भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी शामिल हैं। समिति को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा ने सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत की गई है और शिकायत में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल इस प्रकरण को लेकर जिला प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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