
कोरोना काल में पाउडर पुडिय़ामारी की चपेट में राजधानी...
जनता से रिश्ता लगातार वीआईपी रोड की अवैध गतिविधियों पर करता रहा है आगाह
मरीन ड्राइव में रोज जोड़ों को पहुंचाए जाते है चाकलेट
वीआईपी रोड की प्राय: सभी होटलों-फार्महाउसों पहुंचती है कोकीन
डार्कवेब के लिंक के जरिए हुआ ड्रग्स कारोबार का खुलासा
शनिवार और रविवार को वीआईपी रोड में जश्न की रात होती है
होटल और पार्टी के संचालक युवाओं को पुलिस से सुरक्षा की गारंटी देकर नशे की पार्टी के लिए करते आकर्षित
शांतनु राय
रायपुर। आज पूरे देश में एक तरफ कोरोना महामारी चल रही है तो वही दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे का व्यापार जोर-शोर से चले जा रहा है। नशे के लती बेखौफ होकर नशे का सेवन कर रहे है और अपराध को अंजाम दे रहे है। आये दिन रायपुर में लूट, सट्टा, चाकूबाजी और वसूली जैसी वारदातें होती है इन सबकी एक ही कड़ी है वो है नशा। नशे में ड्रग्स, चरस, गांजा, अफीम, कोकीन लेते है। मगर नशे की आड़ में लोग चाकूबाजी जैसी वरदारतों को भी अंजाम देते है। पुलिस भी अपनी सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लेती है मगर जमानती धाराओं के चलते पुलिस को ऐसे आरोपियों को मुचलका देकर छोडऩा पड़ जाता है। और वही आरोपी नशे के काले गोरख धंधे में फिर लग जाते है। रायपुर शहर पहले से ही नशे में डूबा हुआ है, फिर चाहे वो नशा ड्रग्स का हो फिर चाहे वो नशा गांजा हो, या नशा ब्रॉउन शुगर का हो। अब शहर का हर मार्ग और गली मोहल्ले, नुक्कड़ के ठीहे नशेडिय़ों की जद में फंसा है। जिससे आम नागरिकों का घर से बाहर निकलना और रास्ते पर चलना मुश्किल हो गया है। नशा आज युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है और नशे के सौदागर युवाओं के आस-पास ही भटक रहे है। युवाओं के लिए नशा जानलेवा तो है ही और भी उसके हानिकारक दुष्परिणाम भी राजधानी में देखने को मिल रहे है। लगातार चाकूबाजी, छिनताई, उठाईगिरी, छेड़छाड़, मारपीट, लूटपाट की घटनाए बढ़ गई है। राजधानी के धनी परिवारों के युवाओं की पूरी जि़ंदगी नशे की गहरी खाई डूब गई है जहां से निकल पाना असंभव नजर आ रहा है। शहर में नशे का व्यापार करने वालों के हौसले इतने बुलंद हो गए है कि उन्हें पुलिस का भी कोई डर नहीं है मगर उसके बावजूद पुलिस ऐसे नशेडिय़ों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पहले तो युवा स्कूल व कॉलेज में बीड़ी, सिगरेट व गुटखा का सेवन मस्ती करने के लिए करते हैं लेकिन बाद में इनकी लत लग जाती है। कुछ तो शराब, चरस व अफीम के इतने आदी हो जाते हैं कि इनसे छुटकारा पाना उनके लिए मुश्किल होता है। इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। रायपुर पुलिस ने 15 लाख के ड्रग्स के साथ 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी ड्रग्स पैडलर हैं, जो ना सिर्फ नशे के समान की सप्लाई किया करते थे, बल्कि नये ग्राहक की तलाश भी किया करते थे।
नदीम-लाला के यहां चल रहा अवैध कारोबार : शहर में कई ऐसी जगहें है जहां नशे के कारोबारी अपना कारोबार करते है मगर कुछ ऐसे चर्चित जगहें भी है जहां नशा लोगों को अपनी तरफ खींच लेता है। जिसमें सबसे पहला नाम समता कालोनी, रामकुंड, संजय नगर, नयापारा, कालीबाड़ी,कालीनगर, नेहरुनगर उसके बाद लाखेनगर चौक, ईदगाहभाठा, चौबे कॉलोनी, श्यामनगर, रविग्राम तेलीबांधा, राजातालाब, कटोरा तालाब, सिविल लाइन, मौदहापारा, इंद्रावती कालोनी, रामनगर, भारतनगर, पंडरी, फाफाडीह, खमतराई, मुर्राभट्टी, टिकरापारा, संतोषी नगर, वीआईपी रोड आदि स्थानों पर ड्रग्स, कोकीन, शराब, गांजा, चरस बेचने वाले कुछ ज्यादा सक्रिय चल रहे हैं।
सेटिंग और सस्पेंस का खेल : ड्रग्स के कारोबार में सेटिंग और सस्पेंस दोनों का खेल चल रहा था। खास कोड वर्ड का इस्तेमाल ये लोग करते थे। ड्रग को चाकलेट, केक जैसे नामों से संबोधित किया जाता था। साथ ही ड्रग्स पैडलर का भी नाम कोड वर्ड के तौर पर ही लिया जाता था, ताकि मामला खुलने पर ये पुलिस की पकड़ से दूर रहे।
कोकीन सप्लायरों से एनसीबी की तर्ज पर होगी पूछताछ : कोकीन सप्लाई मामले में शनिवार को दो और सप्लायरों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस को पूछताछ में इनके पास से कई रईसजादों के साथ ही राजनीति से जुड़े लोगों के नाम मिले हैं। मुंबई में जिस तरह से रिया चक्रवर्ती के ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पूछताछ की है, उसी तर्ज पर रायपुर पुलिस ड्रग्स पैडलर्स से पूछताछ करने की तैयारी में है। रायपुर पुलिस आरोपितों को रिमांड में लेगी और उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। कोकीन मामले में अब तक राजधानी पुलिस ने रायपुर, बिलासपुर और भिलाई से कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस ने ड्रग पैडलर आशीष जोशी न्यू राजेंद्र नगर रायपुर व गौरव शुक्ला हेमू नगर तोरवा बिलासपुर शामिल को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से पुलिस ने तीन मोबाइल जब्त किए हैं। इस तरह कुल 11आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक शनिवार को पकड़े गए ये दोनों भी बाकी पकड़े गए युवकों के साथ ड्रग्स पैडलर्स के रूप में काम करते थे और राज्य के अलग-अलग जिलों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे।
राजधानी के आठ लोगों के नाम : राजधानी पुलिस ने अब तक जो गिरफ्तारी की है, वह दूसरे जिलों से है। पकड़ गए आरोपितों से पुलिस को रायपुर से अब तक आठ लोगों के नाम ड्रग मामले में मिले हैं। अब देखना यह है कि पुलिस इन्हें कब गिरफ्तार करती है। इसमें बड़े कारोबारी और राजनीति से जुड़ लोग भी शामिल होने की बात सामने आ रही है।
अभिषेक और मिनाहज रिमांड पर : कोकीन के काले कारोबार में पुलिस ने बिलासपुर के अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड और मोहम्मद मिनाहज मेमन को पुलिस रिमांड पर लिया है। इस पूरे मामले में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीमें पूछताछ में जुटी हैं। इस दौरान पूछताछ में भिलाई से गिरफ्तार आरोपित आशीष जोशी उर्फ आशू ने कारोबार से जुड़े शहर के कई बड़े नाम उगले हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो आशू के मोबाइल से तीन लोगों के नाम सामने आए हैं। सामने आए नामों से पुलिस आने वाले दिनों में पूछताछ कर सकती है।
विकास का साथी है आशीष
मिली जानकारी के अनुसार आशीष जोशी उर्फ आशू एक टाइल्स कंपनी में नौकरी करता है और पूर्व में गिरफ्तार विकास बंछोर का साथी है। आशीष जोशी विकास के लिए ही रायपुर में रहकर काम करता था।
अहम जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लग सकी
पुलिस ने अभिषेक शुक्ला को प्रयागराज से गिरफ्तार किया। विकास और श्रेयांस के पकड़े जाने के बाद पुलिस लगातार अभिषेक की तलाश में जुटी थी। पुलिस को अभिषेक को पकडऩे में सफलता तो हाथ लगी, लेकिन उसने अपने मोबाइल फोन को फार्मेट कर फेंक दिया, जिससे कई अहम जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लग सकी।
-कोकीन सप्लाई मामले में पुलिस ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूर्व में गिरफ्तार अभिषेक शुक्ला और मोहम्मद मिनाहज मेमन से पुलिस रिमांड में कई जानकारियां सामने आई हैं। कुछ नाम और सामने आए हैं। उन लोगों की गिरफ्तारी जल्द होगी।
- अभिषेक माहेश्वरी, एडिशनल एसपी, क्राइम





