छत्तीसगढ़

गांजा कारोबार में लगातार संलिप्तता पर PIT NDPS की कार्रवाई

Shantanu Roy
24 Aug 2026 9:04 PM IST
गांजा कारोबार में लगातार संलिप्तता पर PIT NDPS की कार्रवाई
x
छग
Durg. दुर्ग। जिले के उतई थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लगातार संलिप्तता के आधार पर पुलिस ने बनवाली अग्रवाल के खिलाफ PIT NDPS एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है। आयुक्त एवं निरुद्धकर्ता प्राधिकारी, दुर्ग संभाग ने उपलब्ध प्रतिवेदन और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद उसे तीन महीने के लिए निरुद्ध करने का आदेश जारी किया है। आदेश का पालन करते हुए उतई थाना पुलिस ने उसे केंद्रीय जेल दुर्ग में दाखिल करा दिया है।
पुलिस के अनुसार, बनवाली अग्रवाल की उम्र 50 वर्ष है और वह हथखोज पारा, उतई का निवासी है। सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत प्रतिवेदन में उसे उतई थाना क्षेत्र का नामजद गुंडा बदमाश बताते हुए वर्ष 2010 से विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने का उल्लेख किया गया है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड और मादक पदार्थों से संबंधित मामलों के आधार पर निरोधात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। दुर्ग पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि बनवाली अग्रवाल के खिलाफ वर्ष 2015 से 2025 के बीच नारकोटिक्स एक्ट के चार प्रकरण दर्ज हुए। सभी प्रकरणों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) का उल्लेख है। रिकॉर्ड के मुताबिक उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 173/2015, 108/2018, 282/2023 और 298/2025 दर्ज किए गए थे।
अपराध क्रमांक 173/2015 के मामले में विशेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट दुर्ग ने 13 सितंबर 2017 को उसे तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। वहीं अपराध क्रमांक 108/2018 और 282/2023 में उसके दोषमुक्त होने का उल्लेख सक्षम प्राधिकारी के आदेश में किया गया है। अपराध क्रमांक 298/2025 में विशेष न्यायालय द्वारा 10 अक्टूबर 2025 को निर्णय पारित किए जाने की जानकारी अभिलेख में दर्ज है। पुलिस प्रतिवेदन के अनुसार, जेल से रिहा होने के बाद भी आरोपी के कथित रूप से मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहने की जानकारी सामने आती रही। पुलिस का दावा है कि लगातार निगरानी और पूर्व में की गई कानूनी कार्रवाइयों के बाद भी उसकी गतिविधियों में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दिया। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों, आपराधिक अभिलेखों और गवाहों के कथनों को संकलित कर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अभिलेखों के अनुसार, आरोपी पर स्वयं और अपने अन्य साथियों के माध्यम से गांजा सहित मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री एवं तस्करी से जुड़ा अवैध कारोबार संचालित करने का आरोप है। इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उसके विरुद्ध स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। आयुक्त एवं निरुद्धकर्ता प्राधिकारी, दुर्ग संभाग ने प्रतिवेदन क्रमांक 01/2026 और उसके साथ प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण किया। निरोधात्मक कार्रवाई जरूरी पाए जाने पर 24 अगस्त 2026 को बनवाली अग्रवाल को तीन महीने के लिए निरुद्ध करने का आदेश पारित किया गया। इसके बाद उतई थाना पुलिस ने आदेश की तामिली कराते हुए उसे केंद्रीय जेल दुर्ग में दाखिल कराया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिलेभर में कार्रवाई जारी है। पुराने मामलों में शामिल लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ संगठित रूप से नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में उतई थाना पुलिस टीम ने आरोपी से जुड़े आपराधिक मामलों, न्यायालयीन आदेशों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का संकलन किया। इसके बाद PIT NDPS एक्ट के अंतर्गत प्रतिवेदन तैयार कर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आदेश जारी होने पर पुलिस टीम ने उसका प्रभावी परिपालन सुनिश्चित किया।
Next Story