छत्तीसगढ़

ऑनलाइन ठगी की रकम निकालने वाला आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
31 Jan 2026 12:34 AM IST
ऑनलाइन ठगी की रकम निकालने वाला आरोपी गिरफ्तार
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Durg. दुर्ग। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच दुर्ग पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जेना स्मॉल फाइनेंस बैंक, सुपेला में खाता खुलवाकर ऑनलाइन ठगी की रकम आहरण करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खाते में 12 लाख 78 हजार 997 रुपए की अवैध धनराशि जमा होने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई थी। पोर्टल से पुलिस को एक म्यूल अकाउंट (Money Mule Account) से जुड़े इन्कालेजमेंट की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि यह खाता जेना स्मॉल फाइनेंस बैंक, सुपेला में खोला गया है।
पुलिस जांच में खाता धारक की पहचान मोहम्मद गुलाम अंसारी (36 वर्ष), निवासी वैशाली नगर के रूप में हुई। आरोपी ने बैंक में खाता खुलवाकर ऑनलाइन ठगी की रकम प्राप्त करने और निकालने के लिए उसका इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने 16 अक्टूबर 2024 से लगातार अपने खाते में ऑनलाइन धोखाधड़ी से प्राप्त रकम जमा करवाई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने छलपूर्वक और बेईमानी से अवैध धनलाभ अर्जित करते हुए अपने खाते में कुल ₹12,78,997 की रकम जमा करवाई। यह रकम विभिन्न ऑनलाइन ठगी मामलों से संबंधित बताई जा रही है। आरोपी इस अवैध धन का उपयोग संपत्ति संवर्धन और निजी लाभ के लिए कर रहा था।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर थाना सुपेला में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 158/2026 दर्ज किया गया। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 318(4) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। इसके बाद पुलिस ने मोहम्मद गुलाम अंसारी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। दुर्ग पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन ठगी के मामलों में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे खातों के जरिए ठग अपनी पहचान छिपाकर अवैध
धनराशि
का लेनदेन करते हैं। पुलिस आम नागरिकों से अपील कर रही है कि वे किसी के बहकावे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या ओटीपी किसी को न दें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक विजय यादव, सहायक उप निरीक्षक पूरण दास साहू एवं अभय शुक्ला का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि मामले से जुड़े अन्य लिंक और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
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