छत्तीसगढ़

VIP ड्यूटी में लगी बस से हादसा, DGP-SP कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का मिला आदेश

Shantanu Roy
6 Sept 2026 12:25 PM IST
VIP ड्यूटी में लगी बस से हादसा, DGP-SP कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का मिला आदेश
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Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ में वीवीआईपी व्यवस्था में तैनात पुलिस विभाग की बिना बीमा वाली मिनी बस से हुई सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत के मामले में अदालत ने सख्त कदम उठाया है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कोरबा ने 43 लाख 14 हजार 200 रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोरबा पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है।
यह मामला वर्ष 2023 में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। 27 सितंबर 2023 की शाम करीब साढ़े छह बजे रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरिया-परपोड़ी मुख्य मार्ग पर पुलिस विभाग की मिनी बस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी थी। हादसे में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम हेडसपुर निवासी बैजनाथ कंवर और रवि यादव की मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतकों के परिवारों ने आर्थिक सहायता के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कोरबा में अलग-अलग प्रकरण दाखिल किए थे। प्रथम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी गरिमा शर्मा ने 14 जनवरी 2026 को दोनों मामलों में सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाया।
अधिकरण ने अपने आदेश में दुर्घटना के लिए मिनी बस चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना। न्यायालय के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त वाहन पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ के नाम पर पंजीकृत था और उस समय वाहन की बीमा अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। इसी वजह से पुलिस महानिदेशक और कोरबा पुलिस अधीक्षक को भी मामले में पक्षकार बनाया गया था। अदालत ने बैजनाथ कंवर के आश्रितों को 26 लाख 9 हजार 200 रुपये और रवि यादव के आश्रितों को 17 लाख 5 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। दोनों मामलों में कुल 43 लाख 14 हजार 200 रुपये की राशि तय की गई थी। इसके अलावा इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के निर्देश दिए गए थे।
न्यायालय ने आदेश दिया था कि तय राशि एक महीने के भीतर पीड़ित परिवारों को उपलब्ध कराई जाए, लेकिन आदेश के बावजूद पांच महीने से अधिक समय बीत गया और मृतकों के परिजनों को मुआवजे की राशि नहीं मिल सकी। मुआवजा राशि का भुगतान नहीं होने पर पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं ने वसूली की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद अदालत ने सख्ती दिखाते हुए डीजीपी और एसपी कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है।
तेज रफ्तार मिनी बस ने बाइक को मारी थी टक्कर
जानकारी के अनुसार हादसे के समय बैजनाथ कंवर बाइक चला रहा था और रवि यादव उसके पीछे बैठा हुआ था। इसी दौरान वीवीआईपी प्रबंधन ड्यूटी में लगी पुलिस विभाग की तेज रफ्तार मिनी बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बैजनाथ कंवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल रवि यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के बाद दोनों परिवारों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया।
बैजनाथ कंवर के मामले में उनकी पत्नी सुजाता कंवर, माता-पिता और दो नाबालिग बच्चों ने दावा प्रस्तुत किया था। वहीं रवि यादव के परिवार की ओर से उनकी पत्नी जुगमणी और दो नाबालिग बच्चों ने न्यायालय में मुआवजे की मांग की थी। अदालत के इस आदेश के बाद अब पुलिस विभाग के सामने मुआवजा राशि जमा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। न्यायालय की कार्रवाई को पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं सरकारी वाहनों की बीमा स्थिति और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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