छत्तीसगढ़

60 किलो गांजा तस्करी का फरार मुख्य सप्लायर ओडिशा से गिरफ्तार

Shantanu Roy
9 Aug 2026 5:26 PM IST
60 किलो गांजा तस्करी का फरार मुख्य सप्लायर ओडिशा से गिरफ्तार
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छग
Raigarh. रायगढ़। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत तमनार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अप्रैल 2026 में सामने आए 60 किलो गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य सप्लायर को ओडिशा के बौद्ध जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में तस्करी के पूरे नेटवर्क की एक अहम कड़ी तक पहुंच बनाई गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शंकर मेहर, पिता नित्यानंद मेहर, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुण्डीपदर, थाना बाउन्सुनी, जिला बौद्ध,
ओडिशा
के रूप में हुई है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ जिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ऑपरेशन क्लीन हंट चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत तमनार पुलिस ने 60 किलो गांजा तस्करी के मामले में फरार मुख्य सप्लायर की तलाश तेज की थी। पुलिस के अनुसार, इस मामले में सिर्फ गांजा बरामद करने और आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी गई, बल्कि पूरे सप्लाई चैन का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
दरअसल, 20 अप्रैल 2026 को तमनार पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान को पकड़ा था। दोनों आरोपी सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक OR-15-T 7372 में गांजा परिवहन करते हुए पकड़े गए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 60 किलो गांजा, स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए थे। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वे ओडिशा से गांजा प्राप्त करते थे और इसके लिए एक मोबाइल नंबर 8658206423 के माध्यम से संपर्क किया जाता था। पुलिस ने इस मोबाइल नंबर को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी बनाया। तकनीकी जांच और लगातार पतासाजी के बाद पुलिस टीम मुख्य गांजा सप्लायर तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस जांच में मुख्य सप्लायर की पहचान शंकर मेहर के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के डर से आरोपी अपने घर से फरार हो गया था। इसके बाद तमनार पुलिस ने उसकी तलाश के लिए क्षेत्र में कैंप लगाया और स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस लगातार आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटाती रही। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी शंकर मेहर अपने निवास स्थान गुण्डीपदर, थाना बाउन्सुनी, जिला बौद्ध में मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद तमनार पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी के घर पर दबिश दी। पुलिस टीम को आरोपी मौके पर मिल गया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर गांजा तस्करी के मामले में पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने गांजा तस्करी के अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी तस्करी के दौरान पुलिस से बचने के लिए बार-बार अपना मोबाइल नंबर बदलता था। इसके अलावा वह गांजा खरीदने वाले लोगों को हर बार अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर डील करता था। आरोपी अपनी पहचान भी अलग-अलग नामों से बताता था। पुलिस के अनुसार, 60 किलो गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किए गए सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान को भी आरोपी शंकर मेहर ने अपना नाम कमल मेहर बताया था। इससे पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के परिजनों को उसकी गिरफ्तारी की सूचना दी। इसके बाद थाना तमनार के अपराध क्रमांक 78/2026, धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत शंकर मेहर को गिरफ्तार किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की एंड-टू-एंड कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि एनडीपीएस के मामलों में केवल नशीला पदार्थ बरामद करना और मौके पर मौजूद आरोपियों को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे सक्रिय सप्लायर, नेटवर्क और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है।
इस गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक युगल किशोर यादव, सहायक उप निरीक्षक शशिदेव भोय और आरक्षक अतुल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की लगातार पतासाजी और तकनीकी जांच के बाद फरार आरोपी तक पहुंच बनाई गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ केवल छोटे तस्करों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखेगी। पूरे सप्लाई चैन का पता लगाकर मुख्य सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें नशे के अवैध कारोबार की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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