छत्तीसगढ़

अब्दुल ने मेरी जिंदगी खराब किया: नूरजहां

Shubhra Nandy
7 Nov 2026 11:38 AM IST
अब्दुल ने मेरी जिंदगी खराब किया: नूरजहां
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रायपुर : बुजुर्ग महिला नूरजहां का आरोप है की उनकी बहु ने धन दौलत के लालच में उसका जीना मुहाल कर दिया है और घर से बेघर होना पड़ा है। महिला नूरजहां ने जनता से रिश्ता दफ्तर आकर बताया कि उनके पति बिलासपुर निवासी अब्दुल रशीद खान जो रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं उन्होंने बहु के साथ मिलकर उनको घर से निकाल दिया है। उन्होंने कहा ही उन्हें दवाई और अन्य खर्च भी नहीं देने दे रही है। उनकी अब्दुल रशीद खान के साथ दूसरी शादी की थी। बेटे के निधन के उपरांत अब्दुल रशीद ने अपनी बहु को अपने पास बुलाकर रख लिया और उसको घर से बाहर निकाल दिया। उसकी बहु की नजऱ प्रापर्टी पर है, अब्दुल रशीद ने अपनी जमीन और दूसरी संपत्ति भी बहु के नाम पर कर दिया है और मेरी जानकारी के बिना भी बैंक खाता और फिक्स डिपॉजि़ट खाते भी बहु के नाम पर ट्रांसफर कर दिया है और मुझे सभी जगह से बेदखल कर दिया है। मेरे राशन और अन्य जरूरतों के लिए कुछ पैसे भी नहीं दिया जा रहा है। साथ झूठे और मनगढंत आरोप लगा कर मुझे घर से बाहर निकाल दिया है उम्र के इस अंतिम पड़ाव में मुझे दर दर की ठोकरें खाने मजबूर कर दिया है।

संपत्ति विवाद में बुजुर्ग महिला बेघर होने का दावा

साझा घर में रहने का अधिकार केवल बहूबेटों को नहीं है, ऐसे में उन पर घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज किया जाए। पीडि़ता नूरजहां ने कहा कि प्रारम्भ में उनका वैवाहिक जीवन सुचारू था जब अचानक उसके पति अब्दुल रशीद के अजीब और हिंसक व्यवहार से सब कुछ उल्टा हो गया। हम चाहते हैं कि जीवन के अंतिम पड़ाव में शांतिपूर्ण जीवन गुजर जाये लेकिन पति और बहु के व्यवहार ने मुझे आत्महत्या जैसे कदम उठाने तक को मजबूर कर दिया है। उन्हे मानसिक शांति भी नहीं मिल रही है। नूरजहां ने अपने पति अब्दुल रशीद और बहू को लेकर स्पष्ट तौर पर कहा कि- मेरी पति की नजर बहू पर खराब है और बहू के साथ ही रहता है और उसे अपनी पत्नी की तरह रखा है। इसिलिए मेरे साथ भेदभव और घटिया व्यवहार किया जा रहा।
गौरतलब है कि बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एक 80 साल की बुजुर्ग महिला की याचिका पर उसकी बहू को अपनी सास का घर छोडऩे को कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि बुजुर्ग महिला अपने उम्र के अंतिम पड़ाव पर हैं। ऐसे में उन्हें चैन से रहने की जरूरत हैं। हालांकि, कोर्ट ने अपने फैसले में संतुलन बनाते हुए बहू के लिए एक अन्य घर की भी व्यवस्था दी। बुजुर्ग महिला मुंबई के विले पार्ले में रहती हैं। शीर्ष अदालत ने बहू को विले पार्ले वाले घर को छोडऩे के बाद लोनावाला के घर में शिफ्ट करने को कहा है। कोर्ट के फैसले को ध्यान में रख कर पीडिता नूरजहां ने कहा कि- ऐसा ही व्यवस्था मेरे लिए भी हो जाये तो जीवन के अंतिम समय चैन सुकून से गुजर जाये।

पति ने नकारे आरोप

दूसरी ओर नूरजहां के पति अब्दुल रशीद ने कहा कि उन पर आरोप बेबुनियाद और सच्चाई से कोसो दूर है। उन्होंने आरोप के बारे में बताया कि जब से नूरजहां की दूसरी शादी मेरे साथ हुई है तब से ही उनकी पत्नी उन पर जुल्म कर रही है। जैसे खाना बनाकर नहीं देना, कपडे नहीं धोना या घर के दूसरे कुछ भी काम नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पहली पत्नी जो जिनका निधन हो चुका है उनके बच्चो को गाली देना और बुरा भला कहना इनका रोज का काम हो गया था. मेरी प्रॉपर्टी अपने नाम करने भी बोलती है। उन्होंने कहा कि अगर वे सुधर जाती है तो वापस रखने तैयार है बशर्ते पुरानी बातों को मत दोहराये और चैन से खुद रहे और हमको भी रहने दें।
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