छत्तीसगढ़
रेड नदी में फंसा युवक 30 घंटे तक चट्टान पर बैठा रहा SDRF ने किया रेस्क्यू
Shantanu Roy
4 Sept 2026 3:55 PM IST

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छग
Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक युवक की जान उस समय आफत में फंस गई, जब वह मछली पकड़ने के लिए नदी के बीच पहुंच गया और अचानक आई बाढ़ के कारण बाहर नहीं निकल पाया। युवक करीब 30 घंटे तक नदी के बीच एक बड़े पत्थर पर बैठा रहा। गुरुवार शाम SDRF की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह पूरा मामला भैयाथान थाना क्षेत्र के ग्राम मांढर का है। जहां रेड नदी में फंसे युवक अशोक चेरवा को SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू किया। तेज बहाव और अंधेरा होने के बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी और रस्सी व लाइफ जैकेट की मदद से युवक की जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम मांढर निवासी अशोक चेरवा बुधवार सुबह मछली पकड़ने के लिए रेड नदी गया था। वह नदी के पानी को पार कर एक बड़े चट्टान तक पहुंच गया था। बताया जा रहा है कि नदी के बीच मौजूद चट्टान पर बैठकर वह मछली पकड़ रहा था। इसी दौरान सरगुजा और सूरजपुर क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण रेड नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। मछली पकड़ने में व्यस्त अशोक को इसका अंदाजा नहीं लग पाया। जब तक उसे खतरे का एहसास हुआ, तब तक नदी का पानी काफी बढ़ चुका था और बहाव भी तेज हो गया था।
तेज धार के कारण अशोक नदी पार कर वापस नहीं आ सका। मजबूरी में उसे उसी चट्टान पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। युवक के पास मोबाइल फोन भी नहीं था, जिसके कारण वह किसी को अपनी स्थिति की जानकारी नहीं दे पाया। इधर, जब अशोक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे नदी किनारे पहुंचे कुछ ग्रामीणों की नजर दूर स्थित एक चट्टान पर पड़ी, जहां अशोक बैठा हुआ था।
ग्रामीणों ने जब उसे देखा तो अशोक ने आवाज लगाकर अपनी मौजूदगी बताई। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना भैयाथान पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जानकारी सूरजपुर SDRF टीम को दी। सूचना मिलते ही SDRF की टीम जरूरी बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। नदी में तेज बहाव होने के कारण टीम के लिए सीधे नदी पार कर युवक तक पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में जवानों ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू की योजना बनाई।
SDRF की टीम ने पहले एक पतली रस्सी को पत्थर की मदद से युवक तक पहुंचाया। इसके बाद उसी रस्सी के सहारे मोटी रस्सी और लाइफ जैकेट युवक तक पहुंचाई गई। अशोक ने लाइफ जैकेट पहनने के बाद मोटी रस्सी की सहायता ली और SDRF के जवानों ने उसे धीरे-धीरे खींचकर नदी से बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान अंधेरा हो चुका था, लेकिन टीम ने रोशनी की व्यवस्था कर अभियान जारी रखा। करीब 30 घंटे तक नदी के बीच फंसे रहने के बाद सुरक्षित बाहर निकलने पर अशोक और उसके परिवार ने राहत की सांस ली।
अशोक ने बताया कि वह पानी कम होने का इंतजार कर रहा था, लेकिन नदी का जलस्तर कम नहीं हुआ। इसके चलते वह चट्टान से बाहर नहीं निकल पाया। बताया जा रहा है कि रेड नदी में कई जगह बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं, जिनकी ऊंचाई करीब 20 फीट तक है। ऐसे स्थानों पर बारिश के मौसम में अचानक जलस्तर बढ़ना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस और SDRF टीम ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। SDRF की तत्परता से इस बार एक युवक की जिंदगी बच गई।
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