छत्तीसगढ़

मुंगेली पुलिस की अनोखी पहल, अब गांव-गांव साइबर ठगी से बचाएंगी साइबर दीदी

Shantanu Roy
8 Oct 2026 8:15 PM IST
मुंगेली पुलिस की अनोखी पहल, अब गांव-गांव साइबर ठगी से बचाएंगी साइबर दीदी
x
छग
Mungeli. मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में साइबर अपराधों से बचाव और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ गोकुल राम रावटे के विशेष सहयोग से जिला पंचायत कार्यालय मुंगेली में ‘पहल’ कार्यक्रम के अंतर्गत साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिहान दीदियों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को
ऑनलाइन ठगी
के नए तरीकों, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, बैंकिंग धोखाधड़ी और साइबर अपराध से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिलाओं को ‘साइबर दीदी’ के रूप में तैयार करने की पहल की गई, ताकि वे गांव-गांव पहुंचकर साइबर सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचा सकें। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिहान दीदियां, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए महिलाओं को डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

बिहान दीदियों को बनाया जाएगा साइबर दीदी
मुंगेली पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत बिहान दीदियों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को साइबर दीदी के रूप में तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में बताया गया कि बिहान दीदियां ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका गतिविधियों और सामाजिक जागरूकता के कार्यों से पहले से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी को गांवों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पुलिस का उद्देश्य इन महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे अपने परिवार, आसपास के लोगों और ग्रामीण समुदाय को भी साइबर अपराधों से बचने के उपाय बता सकें।

ओटीपी, पासवर्ड और बैंक की जानकारी साझा न करने की सलाह
साइबर जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा बैंक खातों की सुरक्षा, मोबाइल सिम अपने नाम पर रखने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और मोबाइल फोन के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में व्हाट्सऐप पर ऑटो डाउनलोड बंद रखने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह भी दी गई। महिलाओं को समझाया गया कि अनजान नंबरों से आने वाले कॉल और संदेशों पर बिना जांच किए भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।

फर्जी केवाईसी और डिजिटल गिरफ्तारी से बचने के बताए तरीके
कार्यक्रम में साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। इसमें फर्जी केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन धोखाधड़ी, यूपीआई और क्यूआर कोड के माध्यम से ठगी, फर्जी ग्राहक सेवा नंबर, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे अपराध शामिल रहे। महिलाओं को बताया गया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। विशेष रूप से अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने, संदिग्ध लिंक खोलने और किसी व्यक्ति को गोपनीय बैंकिंग जानकारी देने से बचने की सलाह दी गई। पुलिस ने डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के प्रति भी महिलाओं को जागरूक किया।

साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत
साइबर जागरूकता कार्यक्रम में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर सूचना देने से ठगी गई राशि को रोकने या सुरक्षित करने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, रकम वापस मिलना संबंधित मामले की परिस्थितियों और कार्रवाई पर निर्भर करता है। कार्यक्रम में महिलाओं को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने कहा कि जागरूकता और समय पर शिकायत करने से साइबर अपराधों के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

हर गांव और हर घर तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश
मुंगेली पुलिस की इस पहल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाना है। इसके लिए बिहान दीदियों को साइबर सुरक्षा अभियान से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उन्हें अपने परिवार और समुदाय के अन्य लोगों तक सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने महिलाओं को साइबर स्मार्ट नागरिक बनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्हें बताया गया कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्कता और जानकारी बेहद आवश्यक है।

साइबर जागृति अभियान में मुंगेली को प्रदेश में पांचवां स्थान
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान में मुंगेली जिले ने प्रदेश स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त किया है। पुलिस के अनुसार, जिले में साइबर जागरूकता से संबंधित गतिविधियों और कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई है। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। एसएसपी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

एसएसपी बोले- जागरूकता से ही साइबर अपराधों पर लगेगा अंकुश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की जागरूकता और सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। जब लोग साइबर अपराधियों के तरीकों को समझेंगे और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएंगे, तब धोखाधड़ी से बचाव में मदद मिलेगी। एसएसपी ने उपस्थित बिहान दीदियों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी अपने परिवार, परिचितों और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
जिला पंचायत मुंगेली के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपसंचालक पंचायत शिवानी सिंह, जनपद पंचायत सीईओ, जिला पंचायत के कर्मचारी, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में बिहान दीदियां एवं स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं। मुंगेली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस की इस पहल के तहत बिहान दीदियों को साइबर दीदी के रूप में तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
Next Story