छत्तीसगढ़

ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारी और बाहरी व्यापारी का सिंडिकेट छत्तीसगढ़ को लूट रहे

Nil dhankar
3 Feb 2026 11:28 AM IST
ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारी और बाहरी व्यापारी का सिंडिकेट छत्तीसगढ़ को लूट रहे
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नक़ली और स्तरहीन दवाई खाकर प्रदेश की ढाई करोड़ जनता कैंसर की जद में

600 MG रूत्र की गोली टैबलेट में मात्र 150 MG का पावर

रायपुर (जसेरि)। नकली दवा के सौदागर औऱ ड्रग विभाग के अधिकारी की साजिश के शिकार छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता लाइलाज बीमारी कैंसर में जद में आ चुकी है। नक़ली और स्तरहीन दवाई खाकर प्रदेश की ढाई करोड़ जनता में कैंसर रोग और अन्य महामारी बड़ी बीमारी फैल रही है। 600 MG की गोली टैबलेट मात्र 150 MG पैरासिटामोल जो आम जनों के लिए राहत देने वाली टैबलेट होती है वह भी मानक स्तर से कम लिखे हुए प्रमाणित MG से कम पवार की टैबलेट बाज़ार में बेची जा रही है। पहले जहां एक टैबलेट से ज़रूरत पूरी हो जाती थी अब दिन में तीन चार टैबलेट खाना पड़ता है।

इसका परिणाम यह होता है मरीज़ को नई-नई बीमारियों की झड़ी लग जाती है और टैबलेट का असर नहीं होता और नई बीमारी का घर बन जाता है। बाहर से अवैध रूप से आए हुए व्यापारी छत्तीसगढ़ की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जहर परोस रहे है। चाहे नर्सिंग होम हो यह बड़ा नामचीन मेडिकल हॉस्पिटल कोई भी मेडिकल दुकान सभी जगह नक़ली और कम स्तर की दवाइयों को आम जनता के बीच वितरण का छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को लूट खसोट का धंधा बना लिया है स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में सो रहा है । ड्रग कंट्रोलर पूरा विभाग दोनों हाथ से पैसा बटोर रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है सरकारी अस्पताल में तो दवाइयों के नाम पर चूना पाउडर और सैक्रीन मिली सैकरीन ही दी जाती है।

ड्रग कंट्रोल विभाग सरकारी नियम के अनुसार प्रत्येक दवाओं की लॉन्चिंग के पहले लैब टेस्ट कराकर दवाओं के रैपर के हिसाब से जो दर्शित मात्रा कैमिकल कंपाउंड की है। उसकी अनुपालन में जाँच करने के बाद सर्टिफिकेट जारी करना। बाज़ार में मरीज़ों के लिए उपलब्ध कराना यह महत्वपूर्ण कार्य करने नियम बना हुआ है और इसी नियम के अनुसार जब कंट्रोल विभाग को प्रत्येक दवाओं को बाज़ार में अनुमति देने के लिए बनाया गया है लेकिन ड्रग विभाग सिर्फ पैसा लेकर अनाप शनाप दवाइयों के लिए बेचने की अनुमति देता है और ये भी नहीं जाँच करता कि दवाई में जो मात्र कैमिकल कंपाउंड सही है या नहीं। अनुपात और गुणवत्ता के अनुसार दवाई सही बनी है कि नहीं जो इसकी जिम्मेदारी है। विभाग की ऊपर से लेकर नीचे तक ड्रगकंट्रोल विभाग में अधिकारियों का प्रत्येक माह बंघा होने के कारण अवैध बाहरी व्यापारी छत्तीसगढ़ को लूट रहे।

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