छत्तीसगढ़

काम दिलाने के बहाने बुलाकर रिश्तेदार ने साथियों संग किया गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
20 Jan 2026 7:21 PM IST
काम दिलाने के बहाने बुलाकर रिश्तेदार ने साथियों संग किया गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार
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छग
Balrampur. बलरामपुर। बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक युवक ने काम दिलाने का झांसा देकर अपनी ही रिश्तेदार युवती को वाड्रफनगर बुलाया और फिर अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले के अनुसार, पीड़िता ने 18 जनवरी को थाना कोतवाली अंबिकापुर, जिला सरगुजा में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसी दिन सुबह करीब 6 बजे उसके रिश्तेदार रविचंद उर्फ गुड्डू ने उसे फोन कर कहा कि वाड्रफनगर में काम है और आकर देख लो। काम की तलाश में पीड़िता अंबिकापुर से बस के जरिए वाड्रफनगर बस स्टैंड पहुंची, जहां रविचंद उसे लेने आया।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी रविचंद उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक कमरे में ले गया। कुछ देर बाद रविचंद ने शराब मंगवाई। तभी उसके दो साथी तेजमणी और दीपक शराब लेकर कमरे में पहुंचे। तीनों ने पहले शराब पी और जबरन पीड़िता को भी शराब पिलाई। इसके बाद तीनों आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बाहर निकली और अंबिकापुर पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अंबिकापुर में शून्य (जीरो) में मामला दर्ज किया गया। बाद में प्रकरण को अधिकार क्षेत्र के अनुसार चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर भेजा गया, जहां अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) और 3(5) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रविचंद उर्फ गुड्डू पारसिया (38 वर्ष) निवासी भरूहीबॉस चौकी बलंगी थाना रघुनाथनगर जिला बलरामपुर, तेजमणी गौतम (18 वर्ष 5 माह) निवासी रमेशपुर थाना रघुनाथनगर जिला बलरामपुर और दीपक (20 वर्ष) निवासी जौराही थाना रघुनाथनगर जिला बलरामपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने 20 जनवरी को तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना गंभीरता से की जा रही है और पीड़िता को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक रिश्तों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
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