छत्तीसगढ़

महासमुंद में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जन जागरूकता अभियान शुरू

Shantanu Roy
9 Jan 2026 6:18 PM IST
महासमुंद में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जन जागरूकता अभियान शुरू
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Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड में फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर और विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का आयोजन सरपंच समूह के सहयोग से किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान ग्रामीणों को फाइलेरिया रोग के कारण, इसके लक्षण, बचाव के उपाय और सरकार द्वारा संचालित सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि फाइलेरिया एक मच्छर जनित रोग है, जो समय पर उपचार और रोकथाम नहीं होने पर हाथ, पैर या शरीर के अन्य अंगों में स्थायी सूजन का कारण बन सकता है। यह बीमारी न केवल शारीरिक विकलांगता पैदा करती है।

बल्कि व्यक्ति के सामाजिक और आर्थिक जीवन को भी प्रभावित करती है। जिला समन्वयक पीसीआई अनिल कुमार बघेल ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय एमडीए कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत वर्ष में एक बार सभी पात्र व्यक्तियों को निर्धारित दवाओं का सेवन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका सेवन करने से शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी नष्ट हो जाते हैं, जिससे बीमारी के फैलाव पर रोक लगती है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए महासमुंद जिले में एमडीए कार्यक्रम 10 फरवरी से 25 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को दवा वितरित करेंगी और मौके पर ही दवा सेवन सुनिश्चित करेंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र लोगों को दवा दी जाएगी।

जनजागरूकता अभियान में सरपंचों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। पंचायत स्तर पर फाइलेरिया उन्मूलन को सफल बनाने के लिए उन्हें विभिन्न सहयोगात्मक उपायों की जानकारी दी गई। इनमें मुनादी के माध्यम से प्रचार-प्रसार, नारा लेखन, पोस्टर-बैनर लगाना, ग्राम सभा में फाइलेरिया पर चर्चा, तथा आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों के साथ समन्वय शामिल है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे।अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों और
स्वास्थ्य
कर्मियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और दवा का सेवन अवश्य करें। साथ ही लोगों से आग्रह किया गया कि वे स्वयं दवा लें और अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और गांव के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी से ही फाइलेरिया जैसी बीमारी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। पिथौरा ब्लॉक में चलाया जा रहा यह अभियान फाइलेरिया मुक्त महासमुंद जिले की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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