छत्तीसगढ़
अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम के सामने नाबालिग बच्ची ने पिया फिनाइल, कार्रवाई रोकी गई
Shantanu Roy
16 Jun 2026 1:20 PM IST

x
छग
Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र के समीप ग्राम पंचायत लहरौद में उस समय हड़कंप मच गया जब शासकीय भूमि पर बने मकानों को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने एक 13 वर्षीय बालिका ने कथित रूप से फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई रोककर वापस लौटने का निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह तहसीलदार मोहित कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ग्राम पंचायत लहरौद में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। यह कार्रवाई खसरा नंबर 896 और 897 की शासकीय भूमि पर बेदखली आदेश के पालन के तहत की जा रही थी, जहां लगभग 0.04 और 0.06 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण बताया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद योगेश निषाद की 13 वर्षीय पुत्री मालती ने प्रशासनिक टीम से मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगाई। परिजनों का कहना है कि जब उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह मानसिक रूप से आहत हो गई और कथित रूप से फिनाइल पी लिया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई रोक दी और मौके से लौट गई। पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे पिछले करीब 45 वर्षों से इस स्थान पर निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्के मकान की स्वीकृति भी मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने निर्माण कार्य किया। परिवार का दावा है कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जब तक निर्णय नहीं आता, तब तक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्हें तहसील कार्यालय में बुलाकर व्यस्त रखा गया और इसी दौरान उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में अन्य लोग भी शासकीय भूमि पर काबिज हैं, लेकिन केवल कुछ परिवारों को ही निशाना बनाया गया है।
ग्राम पंचायत लहरौद के उपसरपंच रमेश सिन्हा ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक की गई कार्रवाई नियमों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया से ग्रामीणों में भय और असंतोष फैलता है। वहीं दूसरी ओर तहसीलदार मोहित कुमार अमिला ने कहा कि यह कार्रवाई बेदखली आदेश के पालन और शिकायत के आधार पर की गई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें बालिका द्वारा फिनाइल पीने की जानकारी मौके पर नहीं दी गई थी और मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं और यह देखा जा रहा है कि आगे कार्रवाई किस दिशा में जाएगी। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Tagsपिथौरा अतिक्रमणलहरौद गांवफिनाइल घटनाशासकीय भूमि विवादमहासमुंद खबरतहसीलदार मोहित कुमारबेदखली कार्रवाईप्रधानमंत्री आवास योजना विवादप्रधानमंत्री आवास योजनाPithora encroachmentLaharoud villagephenyl incidentgovernment land disputeMahasamund newsTehsildar Mohit Kumareviction actionPrime Minister Housing Scheme disputePrime Minister Housing Schemeछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





