छत्तीसगढ़

वनांचल के लोगों को बड़ी सौगात, धरमजयगढ़ के गंवरघुटरी में बनेगा 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक अस्पताल

Nil dhankar
17 May 2026 3:36 PM IST
वनांचल के लोगों को बड़ी सौगात, धरमजयगढ़ के गंवरघुटरी में बनेगा 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक अस्पताल
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रायगढ़। जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गंवरघुटरी अब स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल और राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच के परिणामस्वरूप यहां 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इस अस्पताल के निर्माण से धरमजयगढ़ सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों, विशेष रूप से आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम गंवरघुटरी, तहसील धरमजयगढ़ की 2 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित की गई है। इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत रायगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।

उल्लखेनीय है कि यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक बड़ा केंद्र बनेगा। वर्तमान में धरमजयगढ़ और आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए रायगढ़, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, जांच सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इससे वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर मजबूत होगा और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।

अस्पताल का संचालन गरीबों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार भूमि का उपयोग केवल अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए तथा समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण किया जाता रहे।

राज्य शासन के इस फैसले का वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्पताल निर्माण से न केवल बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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