छत्तीसगढ़

कोंडागांव में यात्री बस की लापरवाही से बड़ा हादसा टला

Shantanu Roy
29 Sept 2025 11:00 PM IST
कोंडागांव में यात्री बस की लापरवाही से बड़ा हादसा टला
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Kondagaon. कोंडागांव। रविवार की देर रात कोंडागांव में यात्री बस चालकों की लापरवाही एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मनीष ट्रेवल्स की यात्री बस, जो जगदलपुर से रायपुर जा रही थी, ने शहर के पोस्ट ऑफिस के पास ओवरटेक करने की कोशिश में कार और बाइक सवार युवकों की जान जोखिम में डाल दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस चालक ने तेज गति से एक अन्य बस को ओवरटेक करने का प्रयास किया, जिससे सामने से आ रही कार और बाइक से टकराने का खतरा पैदा हुआ। घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों में भय और आक्रोश फैल गया। यह स्थिति शहर के भीतरी इलाके में बसों की उच्च गति और लापरवाही का उदाहरण पेश करती है।
हादसे के तुरंत बाद कार चालक और बाइक सवार युवकों ने साहस दिखाते हुए बस का पीछा किया और बस स्टैंड में उसे रुकवाकर चालक को जमकर फटकार लगाई। स्थानीय लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर नाराजगी जताई। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कोंडागांव शहर में प्रवेश करने वाली यात्री बसों के लिए निश्चित स्पीड लिमिट तय की जाए। इसके अलावा ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और नियम उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना या लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार यात्री बस चालकों की लापरवाही सामने आ चुकी है, जिसमें तेज गति, ओवरटेकिंग और नियम तोड़ने की घटनाएँ शामिल रही हैं। लोग चाहते हैं कि प्रशासन सीसीटीवी कैमरे और स्पीड गन जैसे संसाधनों का उपयोग करके बसों की निगरानी करे और सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करे। इस घटना ने यात्री बसों के नियमों का पालन और सड़क सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल चालक बल्कि आम राहगीर भी गंभीर खतरे में पड़ते हैं।
कोंडागांव प्रशासन ने फिलहाल घटना की पुष्टि की है और बताया है कि संबंधित बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और यातायात विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस घटना के बाद शहरवासियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि यात्री बस चालकों की नियमित जांच और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सड़क पर तेज गति और ओवरटेकिंग की घटनाओं को रोकने के लिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि बसों के मार्ग और समय-निर्धारण पर भी निगरानी रखी जाए। इस तरह के उपायों से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सकती है और आम लोगों की जान को खतरे से बचाया जा सकता है।
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