छत्तीसगढ़
मैनपाट में 14 हाथियों का दल सक्रिय, रात में बस्तियों में घुसकर फसलों को पहुंचा रहा नुकसान
Shantanu Roy
13 April 2026 4:58 PM IST

x
छग
Sarguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में 14 हाथियों का एक दल पिछले कई दिनों से डेरा डाले हुए है। यह हाथियों का झुंड रात के समय टाइगर प्वाइंट के आसपास की बस्तियों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थिति यह है कि लोग अपने घरों और फसलों की सुरक्षा के लिए पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, मैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट के पास स्थित मूसाखोल जंगल में यह हाथियों का झुंड लगातार मौजूद है। बीती रात यह दल मूसाखोल बस्ती में घुस गया और खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने किसी तरह शोर मचाकर और मशाल जलाकर हाथियों को बस्ती से दूर भगाने की कोशिश की। सुबह होने पर यह दल फिर जंगल की ओर लौट गया। हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण मूसाखोल, बिजलहवा, कलजीबा, असकरा और कुनिया जैसे कई गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही हाथियों का दल जंगल से निकलकर बस्तियों की ओर आ जाता है, जिससे उन्हें हर रात सतर्क रहना पड़ता है। कई परिवार रातभर जागकर घर और खेत की रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों की आवाजाही के कारण न केवल फसलों को नुकसान हो रहा है बल्कि घरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
कई बार हाथी मुख्य सड़कों पर भी आ जाते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है और लोगों में डर का माहौल बन जाता है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विभागीय अधिकारी गांवों में जाकर लोगों को सतर्क रहने और हाथियों के आने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, वन विभाग की टीम का कहना है कि उनके पास सीमित संसाधन हैं और वे मुख्य रूप से निगरानी और लोगों को अलर्ट करने का कार्य कर रहे हैं। मैनपाट–सीतापुर मुख्य मार्ग पर भी हाथियों की आवाजाही देखी जा रही है। इसके चलते वन विभाग ने इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सतर्क किया है और शाम चार बजे के बाद टाइगर प्वाइंट क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल क्षेत्र में न जाएं। वन विभाग के अनुसार, अभी तक हाथियों का यह दल आक्रामक नहीं हुआ है, लेकिन उनकी लगातार उपस्थिति से जोखिम बना हुआ है। विभाग का कहना है कि हाथियों की निगरानी के लिए स्थानीय टीमों को तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल के गहरे हिस्से में भेजने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि उनकी फसलों और घरों को नुकसान से बचाया जा सके। लोगों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं की गई तो उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। यह क्षेत्र पहले भी हाथियों की आवाजाही के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन इस बार 14 हाथियों के बड़े दल की मौजूदगी ने चिंता और बढ़ा दी है। वन विभाग और ग्रामीण दोनों ही स्तर पर लगातार निगरानी और सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य लेकिन संवेदनशील बनी हुई है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
Tagsसरगुजामैनपाटहाथियों का दलफसल नुकसानटाइगर प्वाइंटवन विभागछत्तीसगढ़ग्रामीणहाथी आतंकजंगल क्षेत्रSurgujaMainpatherd of elephantscrop damageTiger PointForest DepartmentChhattisgarhruralelephant terrorforest areaछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





