छत्तीसगढ़

शराब के नशे में युवक ने पत्नी से नाराज होकर फांसी लगाकर की आत्महत्या

Shantanu Roy
4 Oct 2025 10:33 PM IST
शराब के नशे में युवक ने पत्नी से नाराज होकर फांसी लगाकर की आत्महत्या
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Manendragarh. मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ मुख्यालय स्थित वार्ड क्रमांक 05, चितरंजन वार्ड में शनिवार को 43 वर्षीय अनिल रजक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में शोक और सदमे का माहौल है। सिटी कोतवाली के जांच अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि मृतक शराब के नशे में था। घटना के समय उसने काफी शराब पी रखी थी। वह दुर्गा विसर्जन की रैली में शामिल होना चाहता था, लेकिन पत्नी ने विवाद और सुरक्षा की दृष्टि से उसे रैली में जाने से मना कर दिया। इस पर नाराज होकर अनिल ने फांसी लगाने का निर्णय लिया।
आत्महत्या का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, अनिल रजक ने घर में फांसी का फंदा बांध लिया। परिजन तुरंत उसे फांसी के फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने की कोशिश की। हालांकि अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अनिल की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका पति अक्सर शराब पीता था और कई बार उग्र और चिड़चिड़ा हो जाता था। दुर्गा विसर्जन की रैली में जाने की बात पर उसकी नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उसने अपने जीवन को समाप्त करने का कदम उठा लिया।
पहले भी कर चुका है प्रयास
पुलिस ने बताया कि अनिल रजक पहले भी फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर चुका था। उस समय परिवार ने उसे समझाया और रोक लिया था। इसके बावजूद, शनिवार को शराब के प्रभाव और पत्नी से झगड़े के चलते उसने आत्महत्या करने की कोशिश की। सिटी कोतवाली पुलिस ने घटना के आधार पर मर्ग (मृत्यु का अपराधिक मामला) कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
परिवार और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
घटना की खबर सुनते ही पड़ोसियों और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। परिजनों ने कहा कि अनिल हमेशा मिलनसार और सहयोगी था, लेकिन शराब और तनावपूर्ण परिस्थितियों के कारण उसने यह कदम उठा लिया। उनका कहना था कि इस घटना ने पूरे परिवार को भावनात्मक रूप से हिला दिया है। पड़ोसियों ने भी बताया कि दुर्गा विसर्जन के समय इस तरह की दुर्घटनाओं से सबक लेना आवश्यक है और परिवारों को आपसी विवादों को समय रहते सुलझाना चाहिए।
शराब और मानसिक स्वास्थ्य का सवाल
विशेषज्ञों के अनुसार, शराब और मानसिक दबाव मिलकर व्यक्ति को आत्महत्या जैसी घातक स्थिति तक पहुंचा सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न देने और परिवारिक विवादों को अनदेखा करने से इस तरह के दुखद परिणाम सामने आते हैं। सामाजिक संगठनों और पुलिस का कहना है कि शराब पीने वालों और तनावपूर्ण मानसिक स्थिति वाले लोगों पर नज़र रखना जरूरी है। परिवार और समाज को उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
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