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सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शराब पीने से रोकने को लेकर शुरू हुआ विवाद दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया। सलिहा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशभाठा में सरपंच द्वारा गांव में शराब नहीं पीने और गाली-गलौज नहीं करने की समझाइश देने के बाद विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना में दोनों पक्षों के करीब 9 लोगों को चोटें आई हैं। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। दोनों मामलों में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
सरपंच की समझाइश के बाद शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कुशभाठा के सरपंच चंद्रशेखर नायक ने पवन खड़िया, सज्जन खड़िया सहित कुछ लोगों को गांव में शराबबंदी होने की बात कहते हुए शराब नहीं पीने और गाली-गलौज से बचने की समझाइश दी थी। आरोप है कि इस दौरान शराब पी रहे लोगों ने सरपंच के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद सरपंच पक्ष के लोगों ने गाली देने की बात को लेकर उनके साथ मारपीट की और संबंधित लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में शराब पी रहे लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। मामला जमानती होने के कारण उन्हें रिहा कर दिया गया।
अगले दिन फिर आमने-सामने आए दोनों पक्ष
बताया जा रहा है कि पहले विवाद के बाद मामला शांत नहीं हुआ। अगले दिन दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर मारपीट हुई। घटना में करीब 9 लोगों को चोटें आईं। मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आने की चर्चा है।
दो एफआईआर में 16 लोगों के नाम
सलिहा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। एफआईआर क्रमांक 0080 में भूपेन्द्र नायक, चंद्रशेखर नायक, मुकेश, झसकेतन, नरेश नायक, पिंटू नायक, हेमंत नायक और गिरधर नायक को आरोपी बनाया गया है। वहीं, एफआईआर क्रमांक 0081 में पवन खड़िया, सज्जन खड़िया, उपसेन खड़िया, बसंत खड़िया, दोरी खड़िया, किशन बरिहा, दीपक यादव और सुखदेव यादव के नाम शामिल हैं। इस तरह दोनों एफआईआर में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच
पुलिस घायलों के मेडिकल परीक्षण, मारपीट से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। एक प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक पुरेन्द्र कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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