छत्तीसगढ़

जिले की 551 ग्राम पंचायतों में मॉडल जीपीडीपी को लेकर व्यापक प्रशिक्षण अभियान

Shantanu Roy
15 Jan 2026 5:40 PM IST
जिले की 551 ग्राम पंचायतों में मॉडल जीपीडीपी को लेकर व्यापक प्रशिक्षण अभियान
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Mahasamund. महासमुंद। जिले की ग्राम पंचायतों को सशक्त, आत्मनिर्भर और आवश्यकता आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मॉडल ग्राम पंचायत विकास योजना (मॉडल जीपीडीपी) को लेकर व्यापक प्रशिक्षण प्रक्रिया संचालित की जा रही है। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में महासमुंद जिले की सभी 551 ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार फ्रंटलाइन वर्कर्स को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्राम स्तर पर योजनाओं का निर्माण अधिक प्रभावी, समावेशी और पारदर्शी रूप से किया जा सके। इसी कड़ी में आज महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली विकासखंडों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इन प्रशिक्षण सत्रों में मॉडल जीपीडीपी के क्रियान्वयन की प्रक्रिया, ग्राम पंचायत योजना निर्माण समिति की भूमिका, तथा विभिन्न विभागों एवं समुदाय के सहयोग से नीड-बेस्ड ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने और उसे ग्राम सभा से पारित कराने की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पीएआई (परफॉर्मेंस असेसमेंट इंडिकेटर्स) के अनुरूप 9 एलएसडीजीएस (लोकलाइज़्ड सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) थीम के आधार पर योजनाओं के निर्माण पर विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया गया। इसके अंतर्गत गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण, आजीविका, बुनियादी सुविधाएं एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में प्रभावी ढंग से शामिल करने पर जोर दिया गया।

महासमुंद विकासखंड में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, शिक्षक एवं पीएचई मैकेनिक शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों को विभागीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे ग्राम पंचायत स्तर पर योजना निर्माण, क्रियान्वयन एवं निगरानी की जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभा सकें। यह प्रशिक्षण पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। फाउंडेशन की ओर से महेंद्र आर्य ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मॉडल जीपीडीपी की अवधारणा, इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया, फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका तथा पंचायतों में सामूहिक सहभागिता के महत्व को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की समझ को और मजबूत करने के लिए इंटरैक्टिव गतिविधियां भी कराई गईं, जिससे जमीनी स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की क्षमता विकसित हो सके। जिला पंचायत अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं का क्रियान्वयन करने वाली इकाई न बनाकर, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की दिशा तय करने वाला मजबूत संस्थान बनाना है। आने वाले समय में इस प्रशिक्षण के माध्यम से ग्राम पंचायतों में बेहतर योजना निर्माण, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और जनसहभागिता में वृद्धि होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मॉडल जीपीडीपी के माध्यम से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में संतुलित, समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
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