छत्तीसगढ़

BJP में 9 घंटे चला महामंथन! स्मृति ईरानी के सामने पहुंचीं मंत्रियों की शिकायतें

Shubhra Nandy
26 Oct 2026 7:22 AM IST
BJP में 9 घंटे चला महामंथन! स्मृति ईरानी के सामने पहुंचीं मंत्रियों की शिकायतें
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2028 चुनाव पर फोकस
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने लगातार 9 घंटे तक मैराथन बैठक कर संगठन की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षों तक ने हिस्सा लिया। बैठक में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन को मजबूत बनाने और जनता के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान कुछ मंत्रियों के कामकाज और कार्यशैली को लेकर शिकायतें प्रदेश प्रभारी तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन शिकायतों से संबंधित मंत्रियों के नाम और शिकायतों का विवरण आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है।
संगठन की स्थिति पर मंथन
रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रदेश महामंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी और जिला प्रभारियों की मौजूदगी रही। इसके अलावा पार्टी के पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और विभिन्न निगम-मंडल, बोर्ड तथा आयोगों के अध्यक्षों ने भी बैठक में भाग लिया। स्मृति ईरानी ने अलग-अलग समूहों के साथ बातचीत कर संगठन की गतिविधियों और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति का फीडबैक लिया। बैठक के दौरान संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के साथ आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
2028 में फिर सरकार बनाने की रणनीति पर चर्चा
मैराथन बैठक का प्रमुख विषय वर्ष 2028 में होने वाला छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव रहा। प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने पूर्व सांसदों और विधायकों से आगामी चुनाव को लेकर सीधे सवाल किए। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को दोबारा सत्ता में लाने और प्रदेश में पार्टी की पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बैठक में जनता के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और जनसंपर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही संगठन के विभिन्न स्तरों पर कामकाज की स्थिति और आगामी रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई।
मंत्रियों के कामकाज को लेकर पहुंचीं शिकायतें
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों के कामकाज और कार्यशैली को लेकर शिकायतें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी तक पहुंची हैं। हालांकि, इन शिकायतों की प्रकृति क्या थी और किन मंत्रियों के संबंध में शिकायतें की गईं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक की गोपनीयता के कारण इस विषय में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी विशेष मंत्री के खिलाफ शिकायत होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। स्मृति ईरानी ने संगठन के विभिन्न स्तरों पर आपसी समन्वय मजबूत करने का संदेश दिया। पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नियमित संवाद तथा एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया गया।
सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने की रणनीति
प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने बैठक के दौरान राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने को कहा। बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया कि सरकार की योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाई जाए। इसके लिए पार्टी संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई।
आगामी चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियां तेज
रायपुर में आयोजित इस 9 घंटे की मैराथन बैठक को भाजपा की आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में एक ओर संगठन की मौजूदा स्थिति पर फीडबैक लिया गया, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। स्मृति ईरानी ने पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने तथा जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया। इस बैठक के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि संगठनात्मक समीक्षा के आधार पर पार्टी आगे क्या कदम उठाती है।
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