छत्तीसगढ़
99 राशन दुकानें जांच के घेरे में, OTP से वितरण पर उठे सवाल
Shantanu Roy
19 Jun 2026 11:32 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में संभावित अनियमितताओं को लेकर खाद्य विभाग ने बड़ी जांच शुरू कर दी है। बिलासपुर शहर की 163 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में से 99 दुकानों में अप्रैल माह के दौरान 10 से 57 प्रतिशत तक राशन वितरण बायोमेट्रिक सत्यापन के बजाय OTP (वन टाइम पासवर्ड) के माध्यम से किए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले ने वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने अप्रैल माह में तीन माह का राशन एक साथ वितरण किए जाने के दौरान अनियमितताओं की आशंका जताते हुए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बाद खाद्य विभाग ने उन सभी दुकानों की जांच के निर्देश जारी किए हैं, जहां 10 प्रतिशत से अधिक राशन OTP के माध्यम से वितरित किया गया है। खाद्य संचालनालय ने निर्देश दिया है कि सभी जांच एक सप्ताह के भीतर पूरी कर 25 जून तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पाया और OTP से वितरण की स्थिति क्यों बनी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में आई कुछ राशन दुकानों के संबंध राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और राशन दुकान विक्रेता संघ से जुड़े लोगों से बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी। खाद्य संचालक फरिहा आलम सिद्दीकी ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2016 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर OTP के माध्यम से राशन वितरण स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो केवल राशन दुकान संचालक ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्रीय सहायक खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इसे जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लिया है। प्रभारी खाद्य नियंत्रक राजीव लोचन तिवारी ने बताया कि जिन दुकानों में 10 प्रतिशत से अधिक OTP आधारित वितरण हुआ है, वहां खाद्य निरीक्षकों को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़कर सामान्य स्थिति में OTP से राशन वितरण नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बायोमेट्रिक प्रणाली का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, और इसका उल्लंघन गंभीर मामला माना जाएगा। इस पूरे मामले को खाद्य विभाग ने गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग का मानना है कि यदि समय पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वितरण प्रणाली में अनियमितताओं की संभावना बढ़ सकती है। स्थानीय स्तर पर इस खुलासे के बाद राशन वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भी चिंता बढ़ी है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि बायोमेट्रिक प्रणाली के बजाय OTP का बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ है तो इसमें पारदर्शिता कितनी बनी रही। अब सभी की नजर 25 जून को आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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