छत्तीसगढ़

अंबिकापुर में 80 फीट का रावण खाक, आतिशबाजी के बीच मंच पर लगी आग

Shantanu Roy
20 Oct 2026 11:09 PM IST
अंबिकापुर में 80 फीट का रावण खाक, आतिशबाजी के बीच मंच पर लगी आग
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Ambikapur. अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विजयादशमी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। पीजी कॉलेज मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी में 80 फीट ऊंचे रावण के विशालकाय पुतले का दहन किया गया। इस दौरान आकर्षक आतिशबाजी और लेजर लाइट शो का आयोजन हुआ। हालांकि, आतिशबाजी के दौरान एक पटाखा मंच के ऊपर फटने से आग लग गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्काल आग पर काबू पा लिया। वहीं, सरगुजा पैलेस में रियासतकालीन परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन किया गया और राजपरिवार के प्रमुख टीएस सिंहदेव से मिलने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

पीजी कॉलेज मैदान में हुआ भव्य रावण दहन
सरगुजा सेवा समिति, नागरिक समिति और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में विजयादशमी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से पहले राम मंदिर से भगवान श्रीराम दरबार की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पीजी कॉलेज मैदान पहुंची। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए अपने अंदर की बुराइयों को समाप्त करने का संदेश दिया। सरगुजा सेवा समिति की अध्यक्ष रजनी रविशंकर त्रिपाठी सहित अन्य अतिथियों ने भी उपस्थित लोगों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

लेजर लाइट शो में दिखी रामायण की झलक
रावण दहन से पहले आकर्षक लेजर लाइट शो प्रस्तुत किया गया। इसमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों का चित्रण किया गया, जिसे देखने के लिए हजारों दर्शक मौजूद रहे। इसके बाद भव्य आतिशबाजी के बीच 60-60 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकर्ण तथा 80 फीट ऊंचे रावण के पुतलों का दहन किया गया।

आतिशबाजी के दौरान मंच पर लगी आग
कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आतिशबाजी का एक पटाखा मंच के ऊपर फट गया। इससे मंच पर आग लग गई। हालांकि, मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग बुझा दी। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

सरगुजा पैलेस में निभाई गई रियासतकालीन परंपरा
विजयादशमी के अवसर पर सरगुजा पैलेस में वर्षों पुरानी राजपरिवार की परंपराओं का निर्वहन किया गया। यहां विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया गया। इसके साथ ही नगाड़ा पूजा, निशान पूजा और क्षेत्र की रक्षा-सुरक्षा के प्रतीक के रूप में हाथी-घोड़ों की पूजा की परंपरा निभाई गई। पूजा-अर्चना के बाद सरगुजा पैलेस के दरवाजे आम नागरिकों के लिए खोल दिए गए।
श्रीराम शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु
दशहरे के अवसर पर हिंदू युवा एकता मंच द्वारा भव्य श्रीराम शोभायात्रा भी निकाली गई। कला केंद्र मैदान से शुरू हुई शोभायात्रा महामाया मंदिर तक पहुंचने के लिए निर्धारित थी। यात्रा में कलाकारों ने आकर्षक जीवंत झांकियां प्रस्तुत कीं। बड़ी संख्या में युवाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विजयादशमी का उत्सव मनाया।
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