छत्तीसगढ़

7 साल का छात्र स्कूल जाते समय 30 फीट ऊंचाई से गिरा, मौत

Shantanu Roy
23 March 2026 5:59 PM IST
7 साल का छात्र स्कूल जाते समय 30 फीट ऊंचाई से गिरा, मौत
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Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें दूसरी कक्षा का सात वर्षीय छात्र हर्ष कुमार साहू स्कूल जाने से पहले पतंग उड़ाते समय 30 फीट ऊंचाई से गिरकर मौत के मुंह में समा गया। यह घटना बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम नेवारीकला की है। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग 10 बजे हर्ष कुमार साहू घर से स्कूल जाने के लिए निकला। वह अपने दोस्तों के साथ पतंग उड़ाने के लिए पड़ोसी वासुदेव के घर की दूसरी मंजिल की छत पर चढ़ गया। बच्चों की खेल-खेल में पतंग उड़ाने की गतिविधि के दौरान छत पर बाउंड्री वाल नहीं होने के कारण हर्ष का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे करीब 30 फीट की ऊंचाई से गिर पड़ा।

गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हर्ष के परिजनों को तुरंत सूचना दी। परिजन तत्काल निजी वाहन से उसे जिला अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, हर्ष कुमार साहू अपने परिवार में दो बहनों के बीच सबसे छोटा और इकलौता भाई था। उसके पिता संजय कुमार साहू बालोद शहर के एक गैरेज में काम करते हैं और हादसे के समय काम पर ही थे। बताया गया कि हर्ष ने काम पर जाने से पहले अपने पिता से स्कूल जाने के लिए पैसे लिए थे। पिता हर्ष की मौत की खबर सुनकर बिलखते रहे। हादसे के बाद उनकी मां की हालत भी बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। वहीं दादा, चाचा और अन्य परिजन भी रो-रोकर बुरे हालात में थे। ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाते रहे।

गांव में नवरात्र के बीच इस हादसे ने पूरे माहौल को गम में बदल दिया। लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही दोपहर तक पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव का अंतिम संस्कार शाम करीब 4 बजे गांव में किया गया। प्रारंभिक जांच में इसे लापरवाही का मामला माना जा रहा है। खुले छत पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई थी। पुलिस ने इस घटना को लेकर परिवार और ग्रामीणों से पूछताछ की है और स्कूल व पड़ोस में बच्चों की सुरक्षा के लिए चेतावनी जारी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों को छत या ऊंचाई वाले स्थानों पर अकेले नहीं छोड़ा जाना चाहिए। यदि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो इस दुखद हादसे को रोका जा सकता था।
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