छत्तीसगढ़
6 राज्यों में 91 लाख की साइबर ठगी का कनेक्शन, म्यूल अकाउंट खाताधारक गिरफ्तार
Shantanu Roy
3 Oct 2026 10:32 PM IST

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Rajnandgaon. राजनांदगांव। साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक अकाउंट के मामले में राजनांदगांव पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के बैंक खाते के माध्यम से छह राज्यों से जुड़े साइबर ठगी के मामलों की करीब 91 लाख 85 हजार रुपए की रकम का लेन-देन हुआ है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस को गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली थी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने इन बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच शुरू की। जांच के दौरान ICICI बैंक का एक खाता पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस के अनुसार इस खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से हासिल रकम को जमा करने और आगे लेन-देन के लिए किया जा रहा था। खाते के ट्रांजेक्शन की जांच में करीब 91 लाख 85 हजार रुपए की संदिग्ध रकम का लेन-देन सामने आया।
पुलिस का दावा है कि यह रकम छह अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी से जुड़ी हुई है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर सिटी कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 611/26 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4) और 317(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने 3 अक्टूबर को ग्राम जामरी, पोस्ट जटकन्हार, थाना डोंगरगढ़ निवासी 43 वर्षीय धनीराम सिन्हा को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साइबर अपराध की दुनिया में म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने, निकालने या दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। साइबर अपराधी कई बार लोगों को कमीशन या आसानी से पैसे कमाने का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं।
ठगी की रकम पहले ऐसे खातों में ट्रांसफर की जाती है और इसके बाद उसे अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिया जाता है। लगातार कई खातों के बीच रकम ट्रांसफर होने से वास्तविक साइबर अपराधियों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल हो सकता है। पुलिस के अनुसार म्यूल खातों का इस्तेमाल फर्जी ट्रेडिंग, गेमिंग ऐप, सट्टेबाजी, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से जुड़ी रकम के लेन-देन में किया जा सकता है। अपना बैंक खाता बेचने या किराए पर उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
राजनांदगांव पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। ज्यादा कमीशन और जल्दी पैसा कमाने जैसे लालच से भी बचें। पुलिस ने लोगों को अपने बैंक खातों में होने वाले प्रत्येक लेन-देन पर नजर रखने की सलाह दी है। खाते में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने या नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। फिलहाल पुलिस 91.85 लाख रुपए के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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