छत्तीसगढ़

जेल में बंद 50 वर्षीय विचाराधीन कैदी की अस्पताल ले जाते समय मौत

Shantanu Roy
27 Nov 2025 11:30 PM IST
जेल में बंद 50 वर्षीय विचाराधीन कैदी की अस्पताल ले जाते समय मौत
x
छग
Surajpur. सूरजपुर। जिले की जिला जेल में बंद 50 वर्षीय विचाराधीन कैदी की मंगलवार को अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मृतक 11 महीने से हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। जेल अधिकारियों के अनुसार कैदी की तबियत कुछ दिन पहले से खराब चल रही थी और स्वास्थ्य जांच में कई समस्याएं सामने आई थीं। सूत्रों के अनुसार, कैदी मंगलवार सुबह अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। जेल स्टाफ ने तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। लेकिन अस्पताल ले जाते समय कैदी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन ने बताया कि प्रारंभिक दृष्टि से उसकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई हो सकती है।

जेल अधिकारियों ने कहा कि मृतक का नाम गोविंद राय (50 वर्ष) था और वह हत्या के एक मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बंद था। वह पिछले 11 महीनों से न्यायालय की सुनवाई का इंतजार कर रहा था। जेल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा है और चिकित्सकों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मृतक की मौत से जेल प्रशासन में हलचल मच गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी की मौत के तुरंत बाद सभी संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और जेल में बाकी कैदियों तथा स्टाफ के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। जेल अधिकारियों ने यह भी कहा कि कैदी की मौत के कारणों की पूरी गहनता से जांच की जाएगी।

स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कैदी के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। वहीं, पुलिस और जिला प्रशासन ने कहा कि जेल में सभी कैदियों की स्वास्थ्य सुविधा की निगरानी की जाती है और किसी भी गंभीर मामले में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जाता है। जिला प्रशासन ने कहा कि गोविंद राय के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण का खुलासा किया जाएगा। मामले में यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने जेल में विचाराधीन कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा है कि जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
Next Story