छत्तीसगढ़

पोल शिफ्टिंग के दौरान करंट की चपेट में आए 4 मजदूर, 2 की मौत

Shantanu Roy
30 Sept 2026 4:44 PM IST
पोल शिफ्टिंग के दौरान करंट की चपेट में आए 4 मजदूर, 2 की मौत
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छग
Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाकरगांव में बिजली खंभा शिफ्टिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बिजली विभाग के ठेकेदार के चार मजदूर करंट की चपेट में आ गए। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पत्थलगांव के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार बिजली विभाग के ठेकेदार ने मजदूरों को ग्राम पाकरगांव में पोल शिफ्टिंग के काम के लिए बुलाया था। मौके पर कुल सात मजदूर पहुंचे थे। बताया गया है कि ठेकेदार ने मजदूरों को काम के लिए परमिशन लिए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद मजदूरों ने नया बिजली खंभा लगाने का काम शुरू किया। काम के दौरान जैसे ही मजदूरों ने नए खंभे को उठाया, वह बिजली के तार के संपर्क में आ गया। तार से पोल के छूते ही उसमें करंट दौड़ गया और पोल पकड़े मजदूरों को जोरदार झटका लगा। हादसे में दो मजदूर दूर जाकर गिरे, जबकि दो की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान ग्राम भेड़ीमुड़ा निवासी अलेख एक्का (30) और गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर क्षेत्र के ग्राम बाम्हनडीह निवासी टोमन ध्रुव (32) के रूप में हुई है।

वहीं गरियाबंद निवासी त्रिभुवन ध्रुव और महासमुंद निवासी लोचन मांझी हादसे में घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के बाद मौके पर काम कर रहे अन्य मजदूरों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की। अधिकारियों की ओर से जांच और उचित मुआवजे का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन शांत हुआ। मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पोल शिफ्टिंग, तार जोड़ने, ट्रांसफार्मर सुधारने और बिजली लाइन से जुड़े कई काम उन्हें केवल फोन पर मिली सूचना के आधार पर करने पड़ते हैं। उनके पास यह जांचने के लिए पर्याप्त उपकरण नहीं होते कि जिस लाइन या खंभे पर वे काम करने जा रहे हैं, वहां बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है या नहीं। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें कई बार केवल यह कह दिया जाता है कि लाइन बंद कर दी गई है और काम शुरू कर दें।

इसके बाद वे इसी भरोसे पर काम करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमित कर्मचारियों के पास इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी हेलमेट, सेफ्टी शूज और अन्य सुरक्षा उपकरण होते हैं, लेकिन ठेका मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती। बिजली विभाग के सहायक अभियंता केके देशमुख ने बताया कि पाकरगांव लुड़ेग वितरण केंद्र के अंतर्गत आता है। विभाग के पास पोल शिफ्टिंग के लिए परमिट पॉलीडीह क्षेत्र के लिए लिया गया था, जो लालझर वितरण केंद्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि पॉलीडीह के लिए लाइन बंद की गई थी, जबकि पाकरगांव के लिए लुड़ेग वितरण केंद्र से न तो लिखित और न ही फोन पर परमिट लिए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है।
पत्थलगांव एसडीएम
क्षितिज गुरभेले ने कहा कि ठेकेदार के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए समिति बनाई जाएगी। एसडीएम ने कहा कि जांच में परमिट, बिजली सप्लाई बंद किए जाने की प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। यदि यह पाया जाता है कि अनुमति के बावजूद बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई थी तो संबंधित बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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