छत्तीसगढ़
राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 33 चालानी कार्रवाई
Shantanu Roy
9 Jan 2026 7:34 PM IST

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छग
Mahasamund. महासमुंद। जिले में तम्बाकू के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत जिला स्तर पर व्यापक कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन तथा जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से की गई। इस संयुक्त अभियान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग की टीम शामिल रही। संयुक्त प्रवर्तन दल द्वारा जिला चिकित्सालय खरोरा के आसपास स्थित तम्बाकू विक्रय करने वाली दुकानों के साथ-साथ पिटियाझर एवं कुम्हारपारा क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों के समीप स्थित दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003) के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री नियमों के उल्लंघन में पाई गई। औषधि निरीक्षक प्रियंका दीवान द्वारा कोटपा एक्ट 2003 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध से संबंधित धारा 4 के उल्लंघन, नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद बेचने एवं उनके उपयोग पर रोक से संबंधित धारा 6(अ) तथा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध से संबंधित धारा 6(ब) के उल्लंघन के मामलों में कुल 33 चालान काटे गए। अधिकारियों ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तम्बाकू उत्पादों की बिक्री बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसी कारण ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दौरान दुकानदारों को तम्बाकू नियंत्रण कानूनों की जानकारी भी दी गई और उन्हें भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि तम्बाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और इसके उपयोग को कम करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर ने बताया कि कोटपा एक्ट 2003 के तहत सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और नाबालिगों से जुड़े प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी पूर्व सूचना के कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में पुलिस विभाग की ओर से आरक्षक हेमलाल निषाद का विशेष सहयोग रहा, जिससे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सका। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे तम्बाकू से दूर रहें और अपने आसपास यदि नियमों का उल्लंघन होता दिखे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।
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