छत्तीसगढ़
रायपुर में 3 आदतन बदमाश जिलाबदर, 6 जिलों में एंट्री पर रोक
Shantanu Roy
29 Oct 2026 6:13 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई की है। गंभीर अपराधों में संलिप्तता और लगातार आपराधिक गतिविधियों के आरोपों के चलते तीन आदतन बदमाशों के खिलाफ जिलाबदर का आदेश जारी किया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संबंधित पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट, आपराधिक रिकॉर्ड और गवाहों के कथनों का परीक्षण करने के बाद यह कार्रवाई की है। तीनों व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 29 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है। जिलाबदर आदेश के तहत तीनों को रायपुर सहित छह जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर ने जारी किया जिलाबदर का आदेश
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तीन व्यक्तियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क) और 5(ख) के तहत जिलाबदर की कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पुलिस उपायुक्त उत्तर एवं पश्चिम क्षेत्र के प्रतिवेदनों का परीक्षण किया। इसके साथ ही संबंधित व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास, दर्ज प्रकरणों में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के कथनों का भी अवलोकन किया गया। इसके बाद गोकुल नंदन साहू, सन्नी ध्रुव और रफीक खान उर्फ भूरू के खिलाफ जिलाबदर आदेश जारी किया गया।
रायपुर समेत छह जिलों की सीमाओं से रहना होगा बाहर
पुलिस कमिश्नरेट के आदेश के अनुसार, तीनों व्यक्तियों को रायपुर के अलावा गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और दुर्ग जिले की राजस्व सीमाओं से भी बाहर रहने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के उद्देश्य से की गई है। हालांकि, उपलब्ध आदेश विवरण में जिलाबदर की निर्धारित अवधि का उल्लेख नहीं है।
गोकुल नंदन साहू के खिलाफ 9 आपराधिक मामले
पहला मामला पंडरी थाना क्षेत्र के एकता चौक, दलदल सिवनी निवासी 22 वर्षीय गोकुल नंदन साहू का है। वह भागवत राम साहू का पुत्र है। पुलिस के अनुसार, गोकुल नंदन साहू वर्ष 2020 से विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसे पंडरी थाने के गुंडा बदमाश रिकॉर्ड में शामिल बताया गया है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, सार्वजनिक स्थान पर अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, मारपीट और खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने जैसे मामलों में कुल नौ आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उसके विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई की है।
सन्नी ध्रुव पर भी दर्ज हैं 9 मामले
दूसरा मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र की बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना निवासी 28 वर्षीय सन्नी ध्रुव का है। वह चेतुराम का पुत्र है। पुलिस के मुताबिक, सन्नी ध्रुव वर्ष 2017 से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ डीडी नगर थाना क्षेत्र में कुल नौ आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, धार्मिक भावनाओं को आहत करने संबंधी अपराध, संपत्ति की वसूली के उद्देश्य से चोट पहुंचाने, रिश्वत संबंधी अपराध और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने उसे आदतन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बताते हुए जिलाबदर आदेश जारी किया है।
रफीक खान उर्फ भूरू पर सर्वाधिक 11 प्रकरण
तीसरा मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र के शक्ति नगर निवासी 24 वर्षीय रफीक खान उर्फ भूरू का है। वह हबीब खान का पुत्र है। पुलिस के अनुसार, रफीक खान वर्ष 2021 से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सार्वजनिक स्थान पर अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, आपराधिक अभित्रास, खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने, रात में ताला तोड़कर चोरी करने, अवैध हथियार से लोगों को डराने-धमकाने और अवैध शराब की बिक्री व परिवहन से संबंधित मामले शामिल हैं। तीनों व्यक्तियों में रफीक खान के खिलाफ सर्वाधिक 11 प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर की गई कार्रवाई
पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, तीनों व्यक्तियों के खिलाफ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने उनके आपराधिक इतिहास और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिलाबदर की कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इस प्रकार के आदेश का उद्देश्य सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की रोकथाम करना है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होना सभी आरोपों में दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं है। संबंधित मामलों की न्यायिक स्थिति अलग-अलग हो सकती है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि आदतन अपराधियों और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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