छत्तीसगढ़

बारनवापारा अभयारण्य में 28 हाथियों का स्थायी निवास, वन विभाग ने शुरू निगरानी अभियान

Shantanu Roy
9 Oct 2025 10:51 PM IST
बारनवापारा अभयारण्य में 28 हाथियों का स्थायी निवास, वन विभाग ने शुरू निगरानी अभियान
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Baloda Bazar. बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा अभयारण्य और आसपास के जंगलों में 28 हाथियों का एक झुंड स्थायी रूप से रहने लगा है। वन विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। विभाग ने बताया कि अभी तक हाथियों द्वारा किसी भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन संभावित जोखिम को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। डीएफओ गणवीर धम्मशील ने कहा कि हाथियों का यह झुंड पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में ठहरा हुआ है और अब उन्होंने स्थायी निवास बना लिया है। हालांकि, अभी तक उन्होंने किसी भी तरह की तबाही नहीं मचाई है। इसके बावजूद वन विभाग ने सभी जरूरी तैयारी कर रखी है ताकि मानव-हाथी संघर्ष की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभाग ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इसमें जीपीएस ट्रैकिंग, कैमरा ट्रैप और मोबाइल पेट्रोलिंग यूनिट्स शामिल हैं। इन तकनीकों के माध्यम से हाथियों के झुंड की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेष तौर पर कोठारी और सोनाखान रेंज के जंगलों में हाथियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने विशेष सलाह जारी की है। ग्रामीणों को रात के समय अंधेरे में बाहर न निकलने और खेतों, खलिहानों व आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी की तत्काल जानकारी देने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप का भी संचालन किया जा रहा है। वन विभाग ने मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से हाथियों के लिए सुरक्षित आवागमन मार्ग सुनिश्चित किए हैं।

इसके तहत जंगल और ग्रामीण इलाकों के बीच आवश्यक स्थानों पर अस्थायी बैरियर लगाए गए हैं। डीएफओ ने बताया कि हाथियों के रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है, ताकि झुंड आसानी से अपने मार्ग से गुजर सके और किसी प्रकार के नुकसान की संभावना कम हो। डीएफओ ने कहा कि हाथियों की निगरानी में स्थानीय वनकर्मियों और आरक्षकों की भूमिका अहम है। वे जंगल में पैदल और मोबाइल पेट्रोलिंग के माध्यम से लगातार झुंड की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हाथियों का प्राकृतिक व्यवहार सुरक्षित रूप से जारी रहे, जबकि स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। वन विभाग ने यह भी बताया कि यदि हाथियों की गतिविधियों के कारण किसी स्थान पर किसानों या ग्रामीणों को नुकसान होने की संभावना हो, तो उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की रणनीति तैयार है।

इसके साथ ही, विभाग समय-समय पर ग्रामीणों को शिक्षा और जागरूकता अभियान के माध्यम से हाथियों के प्रति संवेदनशील रहने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने के निर्देश दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारनवापारा अभयारण्य में हाथियों का स्थायी निवास इस क्षेत्र की जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति में सतर्कता आवश्यक है। वन विभाग की तकनीकी निगरानी और स्थानीय सहयोग से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हाथियों और मानवों के बीच टकराव न हो और दोनों सुरक्षित रूप से सह-अस्तित्व बनाए रखें। डीएफओ गणवीर धम्मशील ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों को परेशान न करें और विभाग के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि हाथियों की प्राकृतिक गतिविधियों और आवागमन को बाधित न किया जाए, ताकि झुंड सुरक्षित रह सके और आसपास के लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
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