छत्तीसगढ़
21 साल की युवती से दुष्कर्म के बाद हत्या, दोषी को मिला दोहरा आजीवन कारावास
Shantanu Roy
11 Sept 2026 9:28 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में 21 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के बाद हत्या के करीब चार साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी एस. कुमार साहू को दोषी करार देते हुए दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान की अदालत ने दुष्कर्म और हत्या के अपराध में अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ दोनों धाराओं में 500-500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन की ओर से मामले में अतिरिक्त लोक अभियोजक विजयश्री बिसेन ने पैरवी की।
अभियोजन की ओर से कोर्ट के सामने पेश किए गए साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। मामला 31 मई 2022 का है। उस समय 21 वर्षीय युवती का शव थनौद चौक स्थित एक पेट्रोल पंप के पास कार में मिला था। कार में युवती का शव मिलने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल और मामले से संबंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, खून लगे कपड़े और घटना से संबंधित कार को जब्त किया था। इन वस्तुओं को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा गया।
एफएसएल रिपोर्ट बनी महत्वपूर्ण साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान एफएसएल रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल रही। जांच में युवती से संबंधित स्लाइड में मानव शुक्राणु मिलने की बात सामने आई थी। इसके साथ ही जब्त किए गए चाकू पर मानव रक्त पाए जाने की पुष्टि से संबंधित रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई। अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े गवाहों, पुलिस जांच, जब्त सामग्री और वैज्ञानिक साक्ष्यों को कोर्ट के सामने रखा। इन तथ्यों पर सुनवाई के बाद अदालत ने एस. कुमार साहू को दुष्कर्म और हत्या के अपराध में दोषी करार दिया।
दो धाराओं में अलग-अलग उम्रकैद
अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान की अदालत ने आरोपी को धारा 376 के तहत आजीवन कारावास और 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा हत्या के अपराध में धारा 302 के तहत भी आजीवन कारावास और 500 रुपए अर्थदंड लगाया गया है। इस तरह आरोपी को दो अलग-अलग अपराधों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में बंद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह 31 मई 2022 से न्यायिक अभिरक्षा में है। अदालत ने उसकी अब तक की 1564 दिनों की अभिरक्षा अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश दिया है।
मृतिका के माता-पिता को प्रतिकर के निर्देश
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सजा सुनाने के साथ पीड़ित परिवार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने मृतिका के माता-पिता को नियमानुसार प्रतिकर दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है। करीब चार साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस की ओर से जुटाए गए भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ एफएसएल रिपोर्ट ने भी अभियोजन के मामले में अहम भूमिका निभाई। फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के बाद आरोपी अब दुष्कर्म और हत्या के दोनों अपराधों में दोषी है और उसे दोनों मामलों में अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत के आदेश के अनुसार आरोपी की पहले से जेल में बिताई गई अवधि को नियमानुसार सजा में समायोजित किया जाएगा।
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