छत्तीसगढ़

बिलासपुर केंद्रीय जेल से 21 आजीवन कैदी रिहा

Shantanu Roy
9 Oct 2026 5:17 PM IST
बिलासपुर केंद्रीय जेल से 21 आजीवन कैदी रिहा
x
छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल से 21 आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को रिहा किया गया है। रिहा होने वालों में 20 पुरुष और एक महिला कैदी शामिल हैं। इन कैदियों ने जेल में करीब 14 साल या उससे अधिक समय बिताया है। जेल में उनके अच्छे व्यवहार और आचरण को देखते हुए रिहाई का फैसला लिया गया। इस पहल का उद्देश्य कैदियों को समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल होने का अवसर देना है। केंद्रीय जेल बिलासपुर में हुई इस रिहाई को कैदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जेल में अनुशासन बनाए रखने और अच्छे आचरण का पालन करने वाले कैदियों को सामान्य जीवन में लौटने का अवसर देने की पहल की गई है।
अच्छे व्यवहार के आधार पर रिहाई
केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि रिहा किए गए कैदियों ने करीब 14 साल या उससे अधिक समय जेल में बिताया है। जेल में उनके व्यवहार और आचरण को ध्यान में रखते हुए उनकी रिहाई का निर्णय लिया गया। रिहा होने वाले 21 कैदियों में एक महिला भी शामिल है। सभी कैदी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जेल में लंबे समय तक रहने के दौरान उनके आचरण को रिहाई के फैसले में महत्वपूर्ण माना गया। इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि जेल में रहते हुए अनुशासन और अच्छा व्यवहार बनाए रखना कैदियों के पुनर्वास की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है।
जेल डीजी हिमांशु गुप्ता के दौरों के बाद पहल
जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के जेल डीजी हिमांशु गुप्ता पिछले कुछ महीनों से लगातार बिलासपुर केंद्रीय जेल का दौरा कर रहे थे। इन दौरों के दौरान उन्होंने कैदियों से जुड़े मामलों पर ध्यान दिया। साथ ही उनकी मानसिक स्थिति, व्यवहार और आचरण को समझने पर जोर दिया। जेल में कैदियों की स्थिति और उनके सुधार से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे कैदियों की रिहाई की दिशा में पहल की गई, जिनका आचरण अच्छा रहा था। जेल अधीक्षक के मुताबिक, डीजी हिमांशु गुप्ता ने शासन के समक्ष ऐसे कैदियों को रिहा कर समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल करने की पहल की। इसी पहल के तहत बिलासपुर केंद्रीय जेल से 21 कैदियों की रिहाई की गई है। इस प्रक्रिया में कैदियों के व्यवहार और जेल में उनके आचरण को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया।
समाज की मुख्यधारा में लौटने का मिलेगा अवसर
जेल से रिहा होने के बाद कैदियों को सामान्य जीवन में दोबारा शामिल होने का अवसर मिलेगा। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद समाज में वापसी उनके लिए एक नया चरण होगा। इस पहल का उद्देश्य अच्छे आचरण वाले कैदियों को सुधार के बाद जीवन की नई शुरुआत करने का मौका देना है। जेल में रहने के दौरान अनुशासन और व्यवहार में सुधार को महत्व देने से अन्य कैदियों को भी सकारात्मक संदेश मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें जेल में रहते हुए अपने आचरण को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।
अन्य कैदियों के लिए भी उदाहरण
बिलासपुर केंद्रीय जेल से 21 आजीवन कैदियों की रिहाई को अन्य कैदियों के लिए उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। इस पहल से यह संदेश दिया गया है कि जेल में अच्छा व्यवहार और अनुशासन बनाए रखने वाले कैदियों को दोबारा सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिल सकता है। जेल अधीक्षक के अनुसार, कैदियों के व्यवहार और आचरण को समझने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में पहल की गई है। रिहा किए गए कैदियों में 20 पुरुष और एक महिला शामिल हैं, जिन्होंने करीब 14 साल या उससे अधिक समय जेल में बिताया है। इस तरह बिलासपुर केंद्रीय जेल से हुई यह रिहाई कैदियों के सुधार और पुनर्वास से जुड़ी पहल के रूप में सामने आई है। अच्छे आचरण के आधार पर रिहाई का यह कदम अन्य कैदियों को भी अनुशासन बनाए रखने और अपने व्यवहार में सुधार करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
Next Story