छत्तीसगढ़

मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा

Shantanu Roy
24 July 2026 8:55 PM IST
मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा
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शादी का झांसा देकर शोषण करने वाले को 7 साल जेल
Jashpur. जशपुर। जिले में महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों में अदालतों ने सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में दोषियों को कठोर सजा सुनाई है। जशपुर जिले की विशेष अदालतों ने सुनवाई के बाद एक आरोपी को नाबालिग मूक-बधिर बालिका से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि दूसरे मामले में शादी का झांसा देकर महिला का शोषण करने वाले आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है। पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते दोनों मामलों में दोषियों को सजा मिली है। इन फैसलों को महिला और बाल सुरक्षा के प्रति प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल की सजा
पहला मामला फरसाबहार थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2024 को आरोपी गजाधर पैंकरा उम्र 62 वर्ष ने 13 वर्षीय मूक-बधिर बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ सुनसान स्थान पर ले गया था। आरोप है कि आरोपी ने वहां बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद नाबालिग बालिका के व्यवहार में बदलाव आने लगा। परिजनों ने उसकी स्थिति को समझते हुए उससे सांकेतिक भाषा के माध्यम से बातचीत की, जिसके बाद उन्हें घटना की जानकारी मिली। इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए फरसाबहार पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और घटना से जुड़े वैज्ञानिक एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने समय पर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो न्यायालय कुनकुरी में हुई। न्यायालय में पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी गजाधर पैंकरा को दोषी पाया गया। अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(ट) और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। न्यायालय ने पीड़िता को शासन की निर्धारित योजना के तहत मुआवजा उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया।

शादी का झांसा देकर शोषण करने वाले आरोपी को 7 साल की जेल
दूसरा मामला कुनकुरी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इस मामले में मध्य प्रदेश के सतना निवासी मनोज कुमार पाण्डेय उम्र 44 वर्ष आरोपी था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर साथ काम करने वाली युवती से प्रेम संबंध बनाए। आरोपी ने पीड़िता से शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसका शारीरिक शोषण किया। इस दौरान पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दिया। लंबे समय बाद पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं।

सच्चाई सामने आने के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 और एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाए और प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष एससी/एसटी न्यायालय जशपुर में हुई सुनवाई के दौरान गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। अदालत ने मनोज कुमार पाण्डेय को 7 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले से पीड़िता को न्याय मिला और ऐसे अपराधों के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है।
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