छत्तीसगढ़
समय-सीमा में चार्जशीट पेश करने वाले 20 विवेचक सम्मानित
Shantanu Roy
24 Sept 2026 8:04 PM IST

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Durg. दुर्ग। नवीन आपराधिक कानून के प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज होने के बाद त्वरित और गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर दुर्ग पुलिस ने विशेष जोर दिया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने वाले जिले के 20 विवेचकों को उनके कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को नए आपराधिक कानून के अनुरूप विवेचना की प्रक्रिया और समयबद्धता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
दुर्ग पुलिस के अनुसार, नवीन आपराधिक कानून के प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध होने के बाद विवेचना को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और निर्धारित समय में पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जिले में चल रही विवेचनाओं और न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को एफआईआर दर्ज होने के बाद त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना करने के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें साक्ष्य संकलन, दस्तावेजी प्रक्रिया, निर्धारित समय-सीमा और अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने विवेचना की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया। बताया गया कि किसी प्रकरण में जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्यों का सही तरीके से संकलन और वैधानिक प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही न्यायालयीन प्रक्रिया में प्रभावी समन्वय बनाए रखने के लिए विवेचना अधिकारी की भूमिका भी अहम होती है। जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ विवेचकों द्वारा एफआईआर के बाद की गई त्वरित कार्रवाई और निर्धारित समय-सीमा में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने के कार्य की समीक्षा की गई। उपलब्ध अभिलेखीय आंकड़ों के आधार पर बेहतर और समयबद्ध कार्य करने वाले 20 विवेचकों का चयन कर उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
सम्मानित विवेचकों में थाना सुपेला, भिलाई नगर, जामुल, अंडा, पुलगांव, वैशाली नगर, खुर्सीपार, धमधा, पाटन, छावनी और कुम्हारी में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वालों में उमेश शुक्ला, ओमप्रकाश साहू, हरचंद सिंह, रविन्द्र सिंह, शिव चंद्रा, अभिषेक मिश्रा, शशिकांत साहू, जितेन्द्र शुक्ला, राजीव दुबे, वेदराम चंद्रवंशी, रमेश दुबे, चंद्रिका प्रसाद, रविन्द्र कुमार ठाकुर, जय प्रकाश सूर्यवंशी, चेतन साहू, गोविंदनाथ चौधरी, सुनील वर्मा, लोकेश लहरी, मदन बिंझकर और हेमंत कुमार शामिल हैं।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि इन विवेचकों द्वारा प्रकरणों की त्वरित जांच, आवश्यक साक्ष्य संकलन और न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुरूप समय पर अभियोग पत्र प्रस्तुत करने के कार्य को प्रशस्ति पत्र देकर मान्यता दी गई है। पुलिस की ओर से विवेचना की गुणवत्ता, समयबद्धता और न्यायालयीन प्रक्रिया में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इस तरह की समीक्षा जारी रखने की बात कही गई है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना मिलने पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष विवेचना और वैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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