छत्तीसगढ़

भोरमदेव मंदिर सौंदर्यीकरण को मिली ₹146 करोड़ की स्वीकृति, विजय शर्मा ने किया निरीक्षण|

Shantanu Roy
24 May 2025 11:52 PM IST
भोरमदेव मंदिर सौंदर्यीकरण को मिली ₹146 करोड़ की स्वीकृति, विजय शर्मा ने किया निरीक्षण|
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संवारने के दिशा में राज्य सरकार लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल भोरमदेव मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए ₹146 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, कबीरधाम जिले के कलेक्टर, वन विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

संरक्षण और संवर्धन की दिशा में ठोस प्रयास
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव मंदिर परिसर, मड़वा महल और छेरकी मंदिर परिसर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की रूपरेखा का गहन अवलोकन किया और अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्ता युक्त कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “भोरमदेव मंदिर न केवल छत्तीसगढ़ की धरोहर है बल्कि यह राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक भी है। इस क्षेत्र का सुनियोजित विकास पर्यटन को बढ़ावा देगा, साथ ही स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।”

प्रस्तावित कार्यों की प्रमुख विशेषताएं
प्रस्तावित ₹146 करोड़ की लागत से जो कार्य किए जाने हैं, उनमें शामिल हैं –
भोरमदेव मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण
मंदिर परिसर में प्राकृतिक परिदृश्य संरक्षण, नवीन लाइटिंग सिस्टम और पेयजल-सैनिटेशन की सुविधा
मड़वा महल के संरक्षण एवं पर्यटक सूचना केंद्र का निर्माण
छेरकी मंदिर परिसर में आवागमन मार्ग, पार्किंग स्थल, कैफेटेरिया, व्यू पॉइंट और गाइड सुविधा केंद्र
क्षेत्र के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ओपन एयर थिएटर का निर्माण
पर्यटन मार्गों पर संकेतक, पर्यटक मानचित्र एवं डिजिटल सूचना कियोस्क की स्थापना

स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बल
इस परियोजना से न केवल कबीरधाम जिले के पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि भोरमदेव मंदिर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका से भी इस परियोजना को जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि स्थायी विकास हो सके। उपमुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए कि कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और मीडिया की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। इससे कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों ही संतुलित रहेंगे।
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